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पांव ट्रेन से कटे, कोहनियों के बल घर पहुंचा

Sun, 26 Oct 2014 05:30 AM IST
Hathras
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सिकंदराराऊ (हाथरस)। कस्बे में एक किशोर हादसे का शिकार बन गया। ट्रेन की चपेट में आकर किशोर के दोनों पांव कट गए। इसके बाद भी उसने जिस हौसले का परिचय दिया, उसे देखकर हर कोई दंग रह गया। दोनों पांव कटने के बावजूद उसने करीब पौन किमी का सफर कोहनियों के बल पर घिसट-घिसट कर तय ही नहीं किया, बल्कि इलाज के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज लाने तक वह रास्ते भर बातें करके दर्द से अपना ध्यान हटाता रहा। यह उसके हौसले का ही नतीजा है कि अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। यह कहानी है बाल श्रमिक हरेंद्र पुत्र प्रेमपाल गोस्वामी की। आर्थिक तंगी के चलते पहले उसने ट्रेन में अखबार बेचने का काम किया। सर्दी शुरू होते ही वह ट्रेन में मूंगफली बेचने लगा। प्रतिदिन की तरह वह शुक्रवार को घर से सुबह रेल में मूंगफली बेचने निकला। पूरे दिन बिक्री के बाद वह मथुरा से पैसेंजर ट्रेन द्वारा लौट रहा था। उसके साथ अन्य लड़के भी थे। रात्रि लगभग साढे़ आठ बजे जैसे ही ट्रेन सिकंदराराऊ के आउटर सिग्नल के पास पहुंची, वैसे ही किसी तरह हरेंद्र को धक्का लगा और वह चलती ट्रेन से नीचे जा गिरा। उसकी जान तो किसी तरह बच गई, लेकिन पहियों के नीचे आकर उसके दोनों पांव कट कर रेल पटरी पर गिर गए। कुछ देर बेहोश रहने के बाद जब उसनेे अपनी दशा देखी तो वह घबराया नहीं, बल्कि कटे पांवों को घटनास्थल पर ही पड़ा छोड़ कर कोहनियों के बल घिसटते-घिसटते पौन किमी दूर अपने घर भूतेश्वर कॉलोनी पर पहुंच गया। घर वाले हरेंद्र की दशा देख कर सन्न रह गए। पूरे मोहल्ले में हाहाकार मच गया। तत्काल उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रात्रि में ही ले जाया गया। घर वालों ने बताया कि अब उसकी हालत चिकित्सकों ने खतरे से बाहर बताई है। लड़के के साहस की हर तरफ चर्चा है।
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