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भैया दौज आज, बसों-ट्रेनों में उमड़ेगी भीड़

Sat, 25 Oct 2014 05:30 AM IST
Hathras
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हाथरस। भैया दौज का पर्व शनिवार को परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। बहन और भाई एक-दूसरे के यहां पर्व की परंपरा को निभाने के लिए पहुंचेंगे बहनें भाइयों के माथे पर तिलक करेंगी। वहीं भाई भी अपनी बहनों को रक्षा का वचन देंगे। इस पर्व से पहले शुक्रवार को बहनों ने पर्व के लिए बाजारों से सामग्री की खरीदारी भी की।
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इस तरह मनाया जाएगा भाई दौज का पर्व
भैया दौज पर भाई बहन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद नए नए कपड़े पहनते हैं। उसके बाद बहन अपने भाई की हथेली पर चावल का घोल लगाती है और फिर सिंदूर लगाकर कद्दू के फूल, पान, सुपारी और मुद्रा आदि रखकर मंत्र पढ़ते हुए उसके हाथों की पूजा करती है और अपने भाई के माथे पर तिलक कर लंबी उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। तत्पश्चात भाई अपनी बहन को कुछ भेंट प्रदान करते हैं। इस दिन बहन के घर भोजन करने का विशेष महत्व होता है।
यह है भाई दौज की पौराणिक मान्यता
भगवान सूर्यदेव की पत्नी छाया की कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ। यमुना अपने भाई यमराज से स्नेहवश निवेदन करती थी कि वे उसके घर आकर भोजन करें, लेकिन यमराज के व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को टाल देते थे। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना अपने द्वार पर अचानक यमराज को खड़ा देखकर हर्ष विभोर हो गई। प्रसन्नचित हो भाई का स्वागत सत्कार किया और भोजन करवाया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने बहन से वर मांगने को कहा। तब बहन ने भाई से कहा कि आम प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आया करेंगे तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका करके भोजन खिलाए, उसे आपका भय न रहे। यमराज तथास्तु कहकर यमपुरी चले गए। ऐसी मान्यता है कि जो भाई आज के दिन यमुना में स्नान करके पूरी श्रद्धा से बहनों के आतिथ्य को स्वीकार करते हैं, उन्हें तथा उनकी बहन को यम का भय नहीं रहता। इसलिए भैया दौज को यमराज व यमुना का भी पूजन किया जाता है।
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बसों-ट्रेनों में भीड़, डग्गेमार भी रहे सक्रिय
भैया दौज की पूर्व संध्या पर निजी वाहनों, रोडवेज बसों और ट्रेनों से बहनाें का भाइयों के यहां और भाइयों का बहनों के यहां आवागमन होना शुरु हो गया। बसों और ट्रेनों में खूब भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ थी। काफी यात्रियों को मजबूर होकर डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इन डग्गेमारों ने यात्रियों को भूसे की तरह ठूंस ठूंस कर भर कर सफर कराया, वहीं मनमाना किराया भी वसूल किया। इस तरफ जिम्मेदार अफसरों का भी कोई ध्यान नहीं दिया।
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