हाथरस। गांगेय ज्ञान गंगा ज्योतिष संस्थान के तत्वावधान में सोमवार को जैन गली स्थित प्राचीन गंगा मंदिर में धार्मिक विद्वानों की सभा हुई। नगर के धार्मिक विद्वानों ने 8 अक्तूबर को पड़ने वाले चंद्रग्रहण को हाथरस में भी प्रभावी बताया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रहण विषयक मान्यता और सूतक वेध, दान, पुण्य और स्नान पर्व आदि की भी मान्यता रहेगी। ग्रहण रचना दोपहर 2 बजकर 50 मिनट से मान्य और मोक्ष शुद्धि काल शाम 6 बजकर 10 मिनट पर होगा। यह चंदग्रहण रेवती नक्षत्र मीन राशि से प्रभावी है। इसके साथ ही मेष, सिंह और धनु राशि वालों के लिए भी अशुभ रहेगा। इसके प्रथक राशियों के लिए ग्रहण दर्शन योग्य है। चंद्रग्रहण खग्रास ग्रस्तोदित संख्या परिवेश का मानक प्राप्त कर रहा है। इसलिए संपूर्ण भारत में दृश्य नहीं होकर भारतीय मानचित्र अनुसार भारतीय भू भाग के मध्य रेखा भाग से पूर्वी संभाग में दृश्य एवं मान्य रहेगा। सभी धर्म प्रेमी लोग सुबह 6 बज कर 45 मिनट तक पूजा कर लें और ग्रहणकाल में अपनी आत्म शांति एवं कल्याण के लिए ईश्वर आराधना, भजन-कीर्तन, जप, दान, पुण्य कर ग्रहण प्रभाव से मुक्त होने का प्रयास करें। सभा की अध्यक्षता पं. सुनील गांगेय ने की और संचालन पं. मनोज द्विवेदी ने किया। सभा में विनोद शास्त्री, पं. पशुपति नाथ शर्मा, पं. जयप्रकाश शर्मा सहित अन्य धार्मिक विद्वान मौजूद थे।