हाथरस। शहर में मिड-डे-मील का खाना पकाने में हर दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। शहर के एक और स्कूल में लापरवाही का यह नमूना देखने को मिला है। शहर के करबला रोड पर एनजीओ की रसोई तो नियमों को ताक पर रखकर खुले में चल रही है, लेकिन अब तो यहां पेट्रोमैक्स की रोशनी में घरेलू सिलेंडरों पर बच्चों से रात के अंधेरे में खाना बनवाया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसका खामियाजा यह एनजीओ संचालक तो भुगतेगा ही, अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे। ऐसी स्थिति में यहां भी बिहार जैसी घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। इस एनजीओ ने अपनी सरकारी पहुंच का फायदा उठाते हुए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण एवं जिलाधिकारी के सभी नियमों को ताक पर रख दिया है। इस एनजीओ द्वारा मानक के विपरीत घटिया खाना बच्चों को दिया जा रहा है। अब तो खाना पकाने में भी लापरवाही बरती जा रही है। जिलाधिकारी के आदेश पर वीडियोग्राफी के दौरान खाना पकाने के निर्देशों के पालन से बचने के लिए अब यह एनजीओ संचालक पेट्रोमैक्स की रोशनी में रात में ही खाना पकवा रहा है। बीएसए की टीम जब तक वहां पहुंचती है। खाना पककर खुले में ही रखा दिखाई देता है। इस खाना पकाने में भी नाबालिक बच्चों को लगा दिया गया है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। अफसोस तो यह है कि एनजीओ को प्रशासन के नियम-कानून का कोई खौंफ नहीं है।
एनजीओ संचालक की शिकायत मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी हाथरस और मुरसान को इसका निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे विधिवत रूप से कार्रवाई हो सके।
देवेंद्र कुमार गुप्ता, बीएसए