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बारिश के बाद अब जानलेवा बुखार का कहर

Wed, 24 Jul 2013 05:33 AM IST
Hathras
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हाथरस। बारिश में अब बुखार और संक्रामक रोगों से मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके लिए मलेरिया विभाग की खींचतान भी जिम्मेदार है। समय रहते मलेरिया विभाग ने इस बार कार्ययोजना नहीं बनाई और कीटनाशकों का छिड़काव नहीं कराया। इसका नतीजा अब सामने आ रहा है। मलेरिया और वायरल फीवर आदि बीमारियां तेजी से फै ल रही हैं। अब तक 182 लोगों पर मलेरिया की पुष्टि भी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि हर साल इस जिले में बुखार से सौ से ज्यादा लोगों की मौत होती है। बारिश शुरू होते ही बुखार का प्रकोप शुरू हो जाता है। वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू लोगों को जकड़ लेते हैं। यह बात अलग है स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इन मौतों का जिक्र नहीं होता। मलेरिया विभाग हर साल मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण करने के लिए कार्य योजना बनाता है। इसके तहत 15 मई से देहात में कीटनाशकों का छिड़काव शुरू हो जाता है। सिकंदराराऊ, सासनी और हसायन मलेरिया की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए वहां यह अभियान जोर-शोर से चलाया जाता है। इस बार ऐसा कु छ नहीं हुआ। मलेरिया विभाग का कीटनाशक गोदामों में बंद रहा और जुलाई माह में इसे निकाला गया। जब तक कीटनाशक निकलकर पीएचसी और सीएचसी से गांवों तक पहुंचेगा, तब तक जलभराव हो चुका था और मच्छर जनित रोग फैलने शुरू हो गए। अब मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सिकंदराराऊ के गांव मऊ में एक किशोरी की बुखार से मौत भी हो गई। संक्रामक रोगियों की भीड़ इस समय जिला अस्पताल और देहात के सीएचसी और पीएचसी पर आ रही है। प्राइवेट अस्पतालों का भी यही हाल है। यह तथ्य भी गौरतलब है कि अमर उजाला ने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि कीटनाशकों का छिड़काव न होने और कार्ययोजना न बनने से इस साल संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। सिकंदराराऊ में किशोरी की मौत से बुखार से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है। अभी तक इस साल 182 लोगों पर मलेरिया की पुष्टि भी हो गई है। यदि स्वास्थ्य विभाग अभी भी नहीं चेता तो आगे संक्रामक रोग फैलने का सिलसिला जारी रहेगा।
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