हाथरस। बीपीएल राशन कार्डधारकों के चयन में धांधली से गुस्साए ग्रामीण अब मरने-मारने पर उतर आए हैं। बीपीएल कोटे का खाद्यान्न फर्जी लोगों को बंटवाने से नाराज गांव परसारा और नगला खिन्नी के बीपीएल कार्डधारकों ने मंगलवार को तहसील सदर में जमकर हंगामा काटा। गुस्साए लोगों ने वहां पहुंचे राशन डीलर की पिटाई कर दी। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम ने वहां पुलिस बुला ली। पुलिस वालों से भी ग्रामीणों की खींचतान हो गई। एसडीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधान, राशन डीलर और एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन प्रधान को पकड़ने से ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। महिलाओं ने वहां जमकर हाय-तौबा मचाई और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। करीब एक घंटे तक ग्रामीणों ने एसडीएम दफ्तर घेरे रखा। इसके बाद जैसे ही हाथरस गेट थाना पुलिस ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार को लेकर चलने लगी तो गांव की महिलाएं भड़क गईं। महिलाओं ने पुलिस की जीप घेर ली और हाय-तौबा मचानी शुरू कर दी। ड्राइवर ने जीप आगे बढ़ाने की कोशिश भी की, लेकिन महिलाएं जीप के आगे ही लेट गईं। पुलिस फोर्स ने आक्रोशित भीड़ को हटाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो पुलिस कर्मी प्रधान को जीप से उतारकर तहसील से बाहर ले गए और वहां से बाइक पर बिठाकर उसे थाने भिजवाया गया, लेकिन काफी भीड़ पीछे-पीछे अलीगढ़ रोड पहुंच गई और प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में जाम लगा दिया। महिलाएं सड़क पर लेट गईं। यह लोग राशन डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और प्रधान को छोड़ने की मांग कर रहे थे। जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस कर्मियों से इनकी धक्का-मुक्की हो गई। करीब आधा घंटे तक यह लोग जाम लगाकर सड़क पर ही बैठे रहे, जिससे रोड के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं।
बाद में एसडीएम के अनुरोध पर तहसील के वकील राजपाल सिंह पूनिया, सुदर्शन शर्मा व अन्य एसओ हाथरस गेट के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि उन्हें पूरा इंसाफ दिया जाएगा और ग्राम प्रधान को भी जल्द छोड़ दिया जाएगा। अगर उन्होंने जाम नहीं खोला तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी उनकी मजबूरी हो जाएगी। काफी समझाने पर इन लोगों ने जाम खोल दिया। बाद में एसडीएम मदनचंद्र दुबे ने जिला पूर्ति अधिकारी दीपक कुमार को भी वहीं बुलवा लिया और उन्हें पूरी स्थिति से वाकिफ कराया। राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। एसडीएम ने सीओ सिटी आरएस चौहान और एसओ गेट के साथ वार्ता करके इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।