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लाखों का सामान चोरी, बिजली अफसर सोते रहे

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Hathras
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हाथरस। पांच साल पहले बनकर तैयार हुए 33 केवी रुहेड़ी बिजलीघर के कीमती सामान पर बदमाशों ने खुलकर हाथ साफ किया है। बदमाशों ने अब तक बिजलीघर से लाखों रुपये का सामान पार कर दिया और अफसोस की बात है कि बिजली अधिकारियों ने इस मामले में कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई। मतलब साफ है, बिजलीघर से हो रही चोरी को कहीं न कहीं इसकी रखवाली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी शह मिली हुई थी, वरना पांच साल में आधा दर्जन बार हुई चोरी की कम से कम एक बार तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाती। अमर उजाला की खबर के बाद अधीक्षण अभियंता एचएस सत्यार्थी ने अधिशासी अभियंता द्वितीय राजकुमार के साथ जब इस बिजलीघर का मुआयना किया तो इस पूरे खेल की पोल खुल गई। एसई ने अवर अभियंता से बिजलीघर से चोरी हुए सामान की पूरी लिस्ट तलब की है और उनसे यह स्पष्टीकरण भी मांगा है कि अब तक बिजलीघर से हो रहीं चोरी की रिपोर्ट क्यों दर्ज नहीं कराई गई। इस हीला-हवाली के लिए उन कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है, जिन पर इस बिजलीघर की देखभाल का जिम्मा था।
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जांच में पता चला है कि बिजलीघर में लगी ओसीबी और इसके पैनलों के अंदर से लाखों का कीमती सामान पार किया जा चुका है। ऐसा सामान इन पैनलों के अंदर से गायब है, जिसकी अहमियत सिर्फ बिजली महकमे के मुलाजिम को ही पता होती है। एसई व एक्सईएन ने एक-एक पैनल का बारीकी से मुआयना किया तो वह खुद हैरान रह गए। उनकी यह भी समझ में आ गया कि यह काम बिना विभागीय कर्मियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। गौरतलब है कि इससे पूर्व बिजलीघर को सप्लाई देने के लिए लगाया गया 250 केवीए का ट्रांसफॉर्मर भी दो बार यहां से चोरी जा चुका है। रुहेड़ी में 33 केवी बिजलीघर की नींव छह साल पहले तत्कालीन ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने रखी थी। एक साल में यह बिजलीघर बनकर तैयार भी हो गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते इसे चालू नहीं किया जा सका। 24 घंटे बिजली का सुख छिनने के डर से गांव वालों ने नए फीडर नहीं बनने दिए। अफसोस तो यह है कि पांच सालों तक बिजली महकमा करीब दो करोड़ रुपये के इस कीमती प्रोजेक्ट से आंखें फेरे रहा। उद्यमियों की शिकायत पर जब डीएम ने इसे चालू कराने के लिए सख्ती दिखाई। तब अधिकारियों को इसकी याद आई।
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