हाथरस। बिलिंग के बाद अब शहर में बिजली की खपत भी ऑनलाइन हो गई है। शहर के सभी ट्रांसफॉर्मरों पर बिजली महकमे ने मीटरिंग का काम पूरा कर लिया है। हर ट्रांसफॉर्मर पर मॉडम से लैस खास टेक्नोलॉजी के मीटर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से हर ट्रांसफॉर्मर पर बिजली की खपत का ताजा ब्यौरा यूपीपीसीएल के ऑनलाइन सिस्टम पर उपलब्ध रहेगा। लखनऊ में शक्ति भवन के अधिकारी भी ऑनलाइन सिस्टम से शहर के किसी भी ट्रांसफॉर्मर पर बिजली की खपत का जायजा ले सकेंगे। इस सिस्टम से पता लग जाएगा कि किस ट्रांसफॉर्मर पर कितना लोड स्वीकृत है और उसके मुकाबले खपत कितनी हो रही है। आरएपीडीआरपी योजना से शहर के बिजली सिस्टम को हाईटेक किया गया है। शहर में 25 से लेकर 630 केवीए के कुल 315 ट्रांसफॉर्मरों पर यह हाइटेक मीटर लगाए गए हैं। हर मीटर का कोड निर्धारित है। कोड के जरिए ही यह मीटर ऑनलाइन सिस्टम से जोड़े गए हैं। ऑनलाइन सिस्टम में किसी भी मीटर का कोड फीड करते ही उसका इनर्जी स्टेट्स स्क्रीन पर नजर आएगा। यह पता चल जाएगा कि पिछले 24 घंटे में इस ट्रांसफॉर्मर पर कितनी बिजली खपाई गई। महीने के अंत में देखा जाएगा कि कितनी खपत हुई और उसके सापेक्ष बिलिंग से कितना पैसा मिला। इन दोनों का अंतर लाइन हानियों की स्थिति साफ कर देगा। जितना लोड अतिरिक्त होगा, वही बिजली चोरी होगी, जिसके बाद अधिकारियों को इस ट्रांसफार्मर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने में मदद मिल सकेगी। मतलब, साफ है कि बिजली अधिकारी शहर में हो रही बिजली चोरी को अब मुख्यालय से नहीं छिपा पाएंगे। उन पर बिजली चोरी रोकने के लिए दबाव और बढ़ जाएगा और बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं की भी मुश्किल बढ़ेगी। यह सिस्टम फिलहाल हाथरस समेत प्रदेश के 26 चुनिंदा शहरों में शुरू किया गया है। हालांकि अभी शहर में बिजली की खपत का डाटा ऑनलाइन नहीं हो सका है। एचसीएल ने इसका ट्रायल लिया था, जोकि फेल रहा है। अब नए सिरे से इसकी तैयारी की जा रही है।