सासनी। मंडी के आढ़तियों द्वारा की गई कमीशन वृद्धि के विरोध में चल रहा खुदरा व्यापारियों का धरना-प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। गुस्साए खुदरा व्यापारियों ने सब्जी की खरीद-फरोख्त नहीं होने दी। खुदरा व्यापारियों ने प्रदर्शन कर आढ़तियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना पर पुलिस और एसडीएम भी पहुंच गए। खुदरा व्यापारियों के समर्थन में सपाइयों ने भी खुलकर समर्थन किया। इस दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में चली वार्ता भी बेनतीजा रही। इस दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आढ़ती खुलेआम राजस्व की चोरी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बढ़ाया गया कमीशन वापस नहीं लिया तो वह आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
मंडी के आढ़तियों द्वारा की गई कमीशन वृद्धि के विरोध में खुदरा व्यापारियों ने तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए खुदरा व्यापारियों ने आढ़तियों के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान मंडी में सब्जी बेचने आए किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। खुदरा व्यापारियों ने कहा कि जब कि आढ़तियों द्वारा बढ़ाया गया कमीशन वापस नहीं लिया जाता तब तक वह मंडी में किसी सब्जी और फलों की बिक्री नहीं होने देंगे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान एसडीएम नन्हकूराम और कुछ सपा नेता भी मंडी पहुंच गए। अधिकारियों की उपस्थित में हुई वार्ता भी वेनतीजा रही। इस दौरान खुदरा व्यापारियों ने कहा कि मंडी के आढ़ती खुलेआम सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। कमीशन में वृद्धि कर खुदरा व्यापारियों का शोषण करना चाहते हैं। उधर आढ़तिया यूनियन के मंत्री पिंकी वार्ष्णेय का कहना है कि मंडी स्थापना से लेकर अब तक कमीशन की प्रतिशत ज्यों की त्यों बनी हुई है, जबकि मंडी शुल्क 30 से बढ़कर 2.50 पैसे हो गया है। तुलाई, पल्लेदारी, तुलाई, बोरियों की सिलाई और मुनीम आदि के वेतन में भी महंगाई के हिसाब से बढ़ोत्तरी हो गई। यह सभी जो कमीशन लिया जा रहा है उसी में शामिल है। महंगाई के हिसाब से कमीशन में वृद्धि होना जरूरी है। वार्ष्णेय ने कहा कि आढ़तियों पर लगाया गया राजस्व चोरी का आरोप गलत है। यदि आढ़ती चोरी कर रहे हैं तो इसमें मंडी प्रशासन भी शामिल है। आढ़तियों द्वारा मंडी प्रशासन पर राजस्व चोरी का आरोप लगाया जाने पर गुस्साए एसडीएम ने आढ़तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। इससे आढ़तिये भड़क उठे और उन्होंने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर खुदरा व्यापारियों ने एसडीएम के समर्थन में नारेबाजी की।