अखिलेश वार्ष्णेय, अमर उजाला, हाथरस।
ग्रामीण निकायों में प्रकाश व्यवस्था के लिए स्थापित परंपरागत स्ट्रीट लाइटों की जगह अब एलईडी लाइट लगाई जाएंगी। ऊर्जा की कम खपत हो और पर्यावरण भी शुद्ध रहे, इसके लिए शासन स्तर से यह आवश्यक कदम उठाया गया है। ग्रामीण निकायों में प्रकाश व्यवस्था के लिए उपलब्ध स्ट्रीट लाइटों का स्थलीय सर्वे संलग्न प्रारूप के अनुसार किया जाएगा।
इसे ग्राम पंचायत वार निर्धारित कर एलईडी लाइटों में परिवर्तित किए जाने के लिए वर्षवार लक्ष्य का निर्धारण किया जाएगा। यह काम ग्राम पंचायत विकास योजना के अनुरूप ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए किया जाएगा। इस संबंध में शासन के अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने पंचायतीराज उप्र निदेशक के अलावा सीडीओ और जिला पंचायत राज अधिकारी को शासनादेश जारी किया है।
डीएम की अध्यक्षता में कमेटी होगी गठित
एलईडी लाइटों के वॉट तथा उसके सापेक्ष क्रय के लिए दरों का निर्धारण जनपद स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष डीएम, सदस्य के रूप में सीडीओ, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, एक्सईएन विद्युत, डीएम द्वारा नामित एक जिला स्तरीय अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी रहेंगे। समिति की बैठक कर एलईडी लाइट लगाने के संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक को आयोजित कराने का उत्तर दायित्व जिला पंचायतराज अधिकारी का होगा।
बिजली महकमे से लेना होगा कनेक्शन
ग्रामीण निकाय स्ट्रीट लाइट स्थापित करने के लिए नियमानुसार संबंधित विद्युत वितरण निगम से विद्युत संयोजन लेंगी और साथ ही उनका भुगतान भी बिलों के सापेक्ष नियमित करना सुनिश्चित किया जाएगा।
विद्युत बिल का भुगतान न करने पर होगी कार्रवाई
यदि यह पाया जाता है कि बिना वैध रूप से विद्युत संयोजन के लिए स्ट्रीट लाइट स्थापित की गईं या विद्युत विद्युत बिलों का भुगतान नियमानुसार नहीं किया जाता तो उस ग्रामीण निकाय के ग्राम स्तरीय कार्मिक (पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) को उत्तरदायी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।