केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम।
- फोटो : amar ujala
राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बेहद व्यस्त कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन में सबसे पहले भाजपाइयों के साथ संक्षिप्त बैठक की। भाजपाइयों की समस्याएं जानीं और उन्हें पार्टी नेतृत्व का संदेश सुनाया। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में मनोयोग से जुटने के निर्देश दिए। इसके बाद बेहद कम समय में उन्होंने जिले के अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक के नाम पर सीएम ने सिर्फ सरकार की मंशा और उसकी नीयत के बारे में अफसरों को संदेश दिया। आंकड़ों को पढ़ने और पन्ने पलटने का उन्हें वक्त भी नहीं मिला। उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि शासन की योजनाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू कराएं। लापरवाही हर्गिज बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करें, जिससे जनता को प्रदेश में भाजपा की सरकार का होने का अहसास हो सके। उन्होंने जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह को निर्देश दिए कि वह प्रदेश व केंद्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से लागू करें। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले से अपराध नियंत्रण करने एवं जनता को हर स्तर पर न्याय दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक्सईएन लोक निर्माण विभाग से जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान की जानकारी ली। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले की सभी सड़कें गड्ढामुक्त दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को अधिक समय नहीं देते हुए डीएम को सभी अधिकारियों के साथ शासन की सभी योजनाओं को पारदर्शिता पूर्ण लागू करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सीडीओ जावेद अख्तर जैदी सहित जिले के सभी आला अधिकारी भी मौजूद रहे, लेकिन ज्यादातर विभागों की समीक्षा का नंबर ही नहीं आया। पूरी समीक्षा बैठक सिर्फ रस्म अदायगी तक ही सिमटकर रह गई। बैठक में डीएम, एसपी के अलावा सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, पीडी डीआरडीए चंद्रशेखर शुक्ला, एडीएम रेखा एस चौहान, एएसपी अरविंद कुमार के अलावा सांसद राजेश दिवाकर, सदर विधायक हरीशंकर माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान आदि अनेक भाजपाई भी थे।