जिले में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने के बाद भी बकाया वसूली की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। करीब 1,00,065 उपभोक्ताओं पर लगभग 60 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है, जिसे प्रीपेड मीटर प्रणाली के तहत माइनस बैलेंस के रूप में जोड़ा गया है। ऐसे में लगभग 83 हजार उपभोक्ताओं पर बिजली कटने का खतरा मंडरा रहा है।
बिजली विभाग द्वारा बकाया वसूली के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 17,128 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जबकि केवल 11,316 उपभोक्ताओं ने ही अपने मीटर रिचार्ज कराकर बिजली आपूर्ति को दोबारा शुरू कराया है। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अभी भी बकाया चुकाने के लिए गंभीर नहीं हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 60 करोड़ रुपये के बकाये के मुकाबले अब तक सिर्फ 5.64 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं, जो बेहद कम हैं। ऐसे में बिजली निगम पर राजस्व वसूली का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित करना और बकाया की समस्या को खत्म करना है, लेकिन अपेक्षित परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर में बैलेंस समाप्त हो जाएगा, उनकी बिजली स्वत: बंद हो जाएगी। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर अभियान चलाकर बकाया वसूली और कनेक्शन काटने की कार्यवाही को और तेज किए जाने की संभावना है। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह ने बताया हमारे सभी अधिकारी लगातार उपभोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि वे समय रहते अपने मीटर रिचार्ज कराएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।