ब्यूरो, अमर उजाला हाथरस।
शहर के कपड़ा कारोबारियों ने गुरुवार को जीएसटी का जमकर विरोध किया। कारोबारियों ने शहर के बाजारों में अपनी दुकानों को बंद रखा। श्री कपड़ा कमेटी ने सरकार द्वारा कपड़े पर लगाए गए पांच फीसदी कर को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वाणिज्य कर आयुक्त हाथरस को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
कमेटी अध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल ने बताया कि कपड़े पर कभी कोई टैक्स नहीं रहा। वर्तमान में जीएसटी के तहत कपड़े के व्यापार पर पांच फीसदी जीएसटी प्रत्येक प्रक्रिया पर लगा दिया है, जिसके फलस्वरूप बाजार बंद रखा गया है। अगर यह टैक्स नहीं हटाया गया तो कपड़ा कारोबारियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सरकार को कपड़े को टैक्स मुक्त करना चाहिए, क्योंकि कपड़ा उत्पादन लगभग 12 से 14 प्रक्रियाओं के बाद उपभोक्ता तक पहुंच पाता है। उन्होने नवीन जीएसटी प्रणाली को कपड़े पर पूर्व की भांति प्रथम प्रक्रिया पर ही कर निर्धारण किया जाए।
इधर, पंजाबी मार्केट, रामलीला मैदान, सरकूलर रोड, परसट्टा बाजार, मोती बाजार, नया गंज, बागला मार्ग आदि स्थानों पर कपड़े की दुकानें बंद रहीं। लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग कपड़े खरीदने के लिए एक से दूसरे दुकान के चक्कर काटते दिखे। इस मौके पर महामंत्री गिर्राज किशोर गुप्ता, रबीशचंद्र अग्रवाल, हरीश आहूजा, सुमित वार्ष्णेय, राजेश वार्ष्णेय, रवि कुमार, कौशल किशोर गर्ग, भानुप्रकाश, राकेश कुमार, परमानंद अग्रवाल, जीवन अग्रवाल और दिनेशचंद गुप्ता आदि थे।
सिकंदराराऊ में फूंका पुतला
सिकंदराराऊ। कपड़े पर जीएसटी के विरोध में कपड़ा कमेटी के बैनर तले व्यापारियों ने जीएसटी का पुतला दहन किया। व्यापारियों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। इसके साथ ही व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष गौरव वार्ष्णेय, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष विशाल वार्ष्णेय, उमेश माहेश्वरी, इरशाद अंसारी, नवरत्न वार्ष्णेय, गोविंद माहेश्वरी, गौरव सत्यम, कुलदीप कुमार, राकेश, संजीव वार्ष्णेय, पारस गुप्ता, मनोज वार्ष्णेय, शुभम वार्ष्णेय आदि थे।