पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 75 लाभार्थियों के लिए शासन स्तर से स्वीकृत हुई धनराशि को सरेंडर कर दिया गया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से इन लाभार्थियों के सत्यापन की रिपोर्ट न भेजे जाने के कारण शासन की ओर से इस धनराशि को अन्य जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। अब सत्यापन रिपोर्ट जाने के बाद ही शासन स्तर फिर से धनराशि का आवंटन किया जाएगा।
पीएम आवास योजना शहरी के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को घर बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये दिए जाते हैं। प्रथम किस्त में लाभार्थी को 50 हजार रुपये, दूसरी किस्त में 1.50 लाख रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। तीसरी किस्त लाभार्थी को आवास पूर्ण करने के बाद दी जाती है। जिले के शहरी क्षेत्र में 75 ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्होंने अपने आवास का निर्माण तो पूर्ण कर लिया है, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन लाभार्थियों को आखिरी किस्त की धनराशि नहीं मिल पाई।
शासन स्तर से माह जुलाई के अंत में इन लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की आखिरी किस्त देने के लिए धनराशि मंजूर की गई। यह भी निर्देश जारी किए गए इन आवासों का निर्माण पूर्ण होने संबंधी सत्यापन डूडा के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही आवास निर्माण की किस्त जारी की जाएगी। हैरानी की बात यह रही कि सत्यापन में हीलाहवाली के कारण शासन स्तर से धनराशि को सरेंडर करते हुए अन्य जिलों के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इन लाभार्थियों को तीसरी किस्त पाने के लिए फिर इंतजार करना पड़ेगा।
शासन स्तर से इन लाभार्थियों को धनराशि जारी करने से पूर्व सत्यापन करने के आदेश जारी किए गए थे। सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। पीओ डूडा ने सत्यापन कर लिया है। सत्यापन रिपोर्ट को जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा। इसके बाद जल्द ही धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी।
-मोइनुल इस्लाम, एडीएम न्यायिक