दवा विक्रेताओं के लाइसेंस के नवीनीकरण का विलंब शुल्क एक हजार रुपये से घटाकर अब सिर्फ 60 रुपये कर दिया है। इसी का लाभ उठाते हुए अब दवा विक्रेता अब लाइसेंस के नवीनीकरण से बेफिक्र हो गए हैं। यही वजह है कि अभी तक जिले के 60 दवा विक्रेताओं ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया है।
औषधि महकमे में हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण कराया जाता है। लाइसेंस का समय से नवीनीकरण न कराया जाए तो उस पर एक हजार रुपये की पेनाल्टी दवा विक्रेता को देनी पड़ती थी, लेकिन अब इस पेनाल्टी को घटाकर सिर्फ 60 रुपये कर दिया गया है। ऐसे में दवा विक्रेता दवा बिक्री के लाइसेंस के नवीनीकरण से बेफिक्र हो गए हैं।
यही वजह है कि अभी तक 60 दवा विक्रेताओं ने समय पूरा होने के बाद भी लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। गौर हो कि छह माह तक लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने से वह स्वत: ही निरस्त हो जाता है। औषधि निरीक्षक पूरनचंद ने बताया कि दवा बिक्री के लाइसेंस का नवीनीकरण का विलंब शुल्क एक हजार से 60 रुपये कर दिया गया है, जिस वजह से दवा विक्रेता लाइसेंस के नवीनीकरण को लेकर सुस्ती दिखा रहे हैं। 60 मेडिकल स्टोर्स संचालकों ने अभी तक लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है।