बागला डिग्री कॉलेज के मैदान में आयोजित वृहद रोजगार मेले में अपेक्षित रोजगार के अवसर नजर नहीं आए। बड़े स्तर पर आयोजित इस मेले में 58 कंपनियों के प्रतिभाग का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर केवल 18 कंपनियों के प्रतिनिधि ही दिखाई दिए, जिससे रोजगार की आस लेकर पहुंचे युवा मायूस नजर आए।
मेले में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और पंजाब की नामी कंपनियों के आने की बात कही गई थी। मौके पर इनके लिए स्टाॅल भी आरक्षित किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग रही। अधिकांश स्टॉल पर इंश्योरेंस, सिक्योरिटी और मार्केटिंग से जुड़ी नौकरियों की ही जानकारी दी गई। कई जगह कंपनियों द्वारा युवाओं का केवल डेटाबेस तैयार करने पर ही जोर दिया गया, जिससे रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों को ठोस अवसर नहीं मिल सके।
मेले में भीड़ भी अपेक्षा से कम रही। यहां मुख्य रूप से बागला डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राएं ही नजर आए, यहां जिले और आसपास के क्षेत्रों के अन्य बेरोजगार युवाओं की भागीदारी काफी कम रही। इससे मेले के प्रचार-प्रसार पर भी सवाल उठने लगे। कार्यक्रम के अंत में पूर्व में चयनित कुछ युवाओं को ऑफर लेटर वितरित कर मेले की औपचारिकता पूरी कर दी गई।
खाली दिखा मैदान व स्टॉल
सेवायोजन विभाग की ओर से दावा किया गया कि मेले में 1402 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 1181 युवाओं का चयन किया गया। विभाग ने 26 कंपनियों की मौजूदगी भी दर्शाई, जबकि स्थल पर मौजूदगी इससे काफी कम दिखाई दी। मौके पर बागला डिग्री कॉलेज के स्नातक के छात्र-छात्राओं की संख्या सबसे अधिक थी, जबकि इंटर कालेज के भी छात्र-छात्राएं भी यहां दिखाई दिए।
मैं पीसी बागला महाविद्यालय में पढ़ता हूं। यहां वृहद रोजगार मेला देखने आया हूं, लेकिन यहां ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा कि नौकरी के अवसर हैं। कुछ साधारण कंपनियों के प्रतिनिधि छोटी-मोटी नौकरी का प्रस्ताव दे रहे हैं।
-विकास कुमार निवासी आगरा।
इतना बड़ा मेला लगाया गया है, लेकिन नौकरी मिलने जैसी बात नहीं है। कुछ एक स्टॉल पर ही कंपनी वाले हैं, बाहर की अच्छी कंपनियों के स्टॉल पर कोई नहीं है। सेलरी भी सही तरह से नहीं बता रहे।
-प्रशांत चौधरी निवासी कुंवरपुर।
यहां हमारे लायक कुछ भी नहीं है। कह रहे हैं कि पहले आपको सिखाएंगे। छह महीने तक सिखाने की बात कही जा रही है। हम आर्ट के स्टूडेंट हैं। कह रहे हैं टूल चलाना सिखाएंगे। यह रोजगार मेला हमारी समझ से परे है।
-जागृति निवासी सासनी।
यहां नौकरी नहीं, बल्कि कमीशन बेस काम दिया जा रहा है। ज्यादातर नौकरी इंश्योरेंस आदि की है, फील्ड की हैं, जिसमें सेलरी देने की बात तब है, जब फील्ड का काम पूरा हो जाएगा। इतने बड़े मेले मेें हमारे लायक नौकरी की जानकारी किसी ने नहीं दी।
-श्वेता निवासी सादाबाद।
मेले का आयोजन अच्छा हुआ है। करीब 1400 युवाओं ने प्रतिभाग किया है। बारिश के कारण थोड़ी दिक्कत हुई है। 26 कंपनियों के ही प्रतिनिधि यहां पहुंच पाए हैं। बारिश न होती तो स्थिति और बेहतर होती।
-आशुतोष श्रीवास्वत, जिला सेवायोजन अधिकारी, हाथरस।