पिता ने बताया कि चिकित्सकों ने बच्चे की उस दौरान हार्टबीट 280 बीपीएम थी। यह सामान्य तौर पर 60 से 100 तक होनी चाहिए थी। चिकित्सक भी हैरान थे कि बच्चा कैसे जीवित है। परिजनों ने बताया कि अलट्रासाउंड कराने पर बच्चे के गले में घाव के कोई निशान नहीं पाए गए, जिससे अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
दिवाली पर मोहल्ले के लोगों ने नहीं की सजावट
संचेत शर्मा के इकलौते बेटे की मौत से मोहल्ले में भी शोक का माहौल रहा। लोगों ने दिवाली पर घरों पर सजावट नहीं की। पड़ोसियों का कहना है कि बच्चे की मौत का सभी को दुख है। घर का इकलौता चिराग बुझ गया है। आदित्य राजेंद्र लोहिया विद्या मंदिर में कक्षा नौ में पढ़ता था। पड़ोसियों का कहना है कि यह त्योहार तो बच्चों का होता है, मोहल्ले में एक हंसता खेलता बच्चा चला गया, क्या त्योहार मनाए।
15 साल के बच्चे के अंदर इस तरह विभिन्न धातु की वस्तुओं का पाया जाना आश्चर्यजनक विषय है। जिस तरह बड़ी आंत में यह सामान मौजूद है, उससे यह तो स्पष्ट है कि यह सामान गया तो मुंह के रास्ते से ही होगा। अब तक हमने पेट व आंतों में बालों के गुच्छे अंदर पड़े होते देखे हैं, फिर भी यह सामान बच्चे के अंदर कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है।
-डॉ. भरत यादव, वरिष्ठ सर्जन।