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मरीजों को भोजन देने वाली फर्म पर 50 हजार जुर्माना

Sun, 26 May 2019 12:12 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। बागला जिला चिकित्सालय में मरीजों को भोजन दिए जाने वाली फर्म मैसर्स शंकर केटरिंग सेंटर पर अनियमतता पाए जाने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने 50हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं डीएम ने भविष्य में कोई भी अनियमितता सामने पर फर्म को ब्लैक लिस्टेड किए जाने की चेतावनी दी है। डीएम द्वारा 15 मार्च को बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था।
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चिकित्सालय में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन के लिए रसोई घर है या नहीं और भोजन कहां से बनकर आता है, इस संबंध में डीएम को बताया गया कि परिसर में ही क्षय रोग चिकित्सालय के दाहिनी ओर एक रसोईघर है, जिसे डीएम द्वारा मौके पर जाकर देखा गया, परंतु वहां पर रसोईघर और भोजन बनता हुआ नहीं पाया गया। उपस्थित महिला ने बताया कि भोजन ठेकेदार के माध्यम से आता है। इस क्रम में सीएमएस द्वारा संबंधित फर्म मैसर्स शंकर कैटरिंग सेंटर नोटिस जारी किया गया।

संबंधित फर्म द्वारा अपना स्पष्टीकरण 16 मार्च को दिया गया, जिसे उनके द्वारा स्वीकार किया गया कि भोजन निर्धारित स्थान पर तैयार नहीं किया जाता है, बल्कि दूसरी जगह तैयार कराकर मरीजों को वितरित किया जाता है। इस तरह फर्म द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया कि भोजन नियत स्थान या रसोईघर में तैयार नहीं किया जाता है। इस संबंध में सीएमओ और सीएमएस से संयुक्त आख्या प्राप्त की गई, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया गया कि इस फर्म के विरुद्ध किसी प्रकार की शिकायत प्रकाश में नहीं आने की स्थिति में भर्ती रोगियों को जनहित में सुचारू रूप से भोजन व्यवस्था जारी रखने के लिए पूर्ववर्ती निर्धारित निविदा दरों पर फर्म से कार्य लिया गया है।
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डीएम ने फर्म द्वारा नियत स्थान/रसोईघर में भोजन नहीं बनाकर बाहर से आपूर्ति करने के कारण भोजन निर्धारित मीनू के अनुसार, भोजन की गुणवत्तापूर्ण, भोजन निर्धारित मात्रा में बंटने का आंकलन नहीं किया जा रहा। संबंधित फर्म शंकर कैटरिंग सेंटर, वाटर वर्क्स पर 50,000 रुपये का अर्थदंड आरोपित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित फर्म की यदि भविष्य में कोई भी अनियमितता प्रकाश में आती है तो संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। सीएमओ और वरिष्ठ कोषाधिकारी से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार उक्त धनराशि को सुसंगत लेखा शीर्षक में सात दिवस में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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