बेसिक स्कूलों में निष्प्रयोज्य पडे़ शौंचालय
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हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में लंबे समय से चली आ रही शौचालयों की समस्या अब जल्द दूर होगी। विभाग ने 100 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले 400 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों के निर्माण के लिए सर्व शिक्षा अभियान से बजट की मांग की है। यह बजट जल्द ही मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों की मानें तो केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन से भी योजना में मदद मिल सकती है।
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इनके नाम पर विभाग की ओर से बडे़ पैमाने पर धन खर्च किया जा रहा है, लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड की मानें तो 400 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनमें शौचालय की समस्या बनी रहती है। जिससे इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे एवं शिक्षक शिक्षिकाएं भी शौचालय नहीं होने से परेशान रहते हैं। यह आंकड़ा तो विभागीय रिकॉर्ड में है, लेकिन जानकारों की मानें तो शौचालय विहीन स्कूलों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। यही नहीं जिन स्कूलों में शौचालय बने भी हुए हैं तो रखरखाव के अभाव में उनमें से ज्यादातर खंडहर हो चुके हैं और इस्तेमाल करने लायक नहीं रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद न तो इनकी मरम्मत कराई गई है और न हीं इन्हें इस्तेमाल के लायक बनाया गया है।
इस समस्या से कुछ विद्यालयों की शिक्षकों ने तो विभाग को अवगत भी कराया था। शिक्षकों और विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए अब विभाग ने शौचालय विहीन स्कूलों में शौचालय बनवाने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची मांगी गई थी। बीईओ से जो सूची मिली है, उसके हिसाब से जिले में तकरीबन 400 विद्यालय शौचालय विहीन पाए गए हैं। इनके लिए शासन से बजट की मांग की जा चुकी है।
बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जहां भी शौचालय की आवश्यकता है, उनकी जानकारी मांगी गई है, जिससे शीघ्र ही जिले में इस समस्या का समाधान हो सके।
दुष्यंत गौतम, डीसी निर्माण