जिले में टीबी मरीजों के लिए केंद्र सरकार की निक्षय पोषण योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। फंड की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण मरीजों के खातों में पोषण सहायता राशि नहीं पहुंची है। यह समस्या पिछले 14 महीनों से बनी हुई है। वर्तमान में 3,702 नोटिफाइड टीबी मरीज प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रहे हैं।
पुराने ठीक हो चुके मरीजों को मिलाकर यह संख्या छह हजार से अधिक हो जाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अगस्त 2025 से टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि अटकी हुई थी। मई 2026 में बजट मिलने के बाद भुगतान की उम्मीद जगी थी। हालांकि, अब जटिल तकनीकी प्रक्रियाएं इसमें बाधा डाल रही हैं। जनवरी 2026 से अक्तूबर तक कुल 3,702 मरीज पंजीकृत किए गए हैं। 24 मार्च से चलाए गए विशेष अभियान में 2,829 नए मरीज चिह्नित हुए हैं। इनमें से 1,850 मरीजों की आभा आईडी लिंक कराने के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद इन मरीजों के खातों में राशि नहीं भेजी जा सकी है। जिले में कुल नौ टीबी केंद्र संचालित हैं। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से पहले आभा आईडी लिंक करने का काम तेजी से चल रहा था।
पहले बायोमीट्रिक और ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कतें आईं। अब पोर्टल की नई समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में निक्षय एप को एसएनए स्पर्श पोर्टल से लिंक किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सर्वर डाउन रहने और डेटा फीडिंग में कई अड़चनें आ रही हैं। कुछ दिन पहले 200 मरीजों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजने का ट्रायल भी असफल रहा था।
मरीजों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। आभा आईडी लिंक होने के बाद पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल मरीजों को पोषण पोटली के जरिये पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉ. प्रवीण भारती, जिला क्षय रोग अधिकारी