शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की तैयारी हो रही है। नगर पालिका ने इसके लिए शहर के कुल 53 नलकूपों में से 36 का संचालन ऑटोमेशन (स्वचलित प्रणाली) के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है। इसमें सालाना 94 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी बोर्ड से प्राप्त हो चुकी है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 36 नलकूपों के संचालन और उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी निजी संस्था को सौंपी जाएगी। संस्था नलकूपों का संचालन, मोटर पंप मरम्मत, इलेक्ट्रिक स्विच गियर व इलेक्ट्रिक फॉल्ट मरम्मत और मोटर लोडिंग-अनलोडिंग का जिम्मा संभालेगी। एक नलकूप के संचालन में प्रति माह 21,850 रुपये तक का व्यय आने का अनुमान है। इस तरह 36 नलकूपों के संचालन पर साल भर में तकरीबन 94,39,200 रुपये खर्च होंगे।
ईओ रोहित सिंह ने बताया कि ऑटोमेशन प्रणाली लागू होने से नलकूपों के संचालन में मानवीय त्रुटियां कम होंगी और मोटर जलने या तकनीकी खराबी आने पर तुरंत मरम्मत सुनिश्चित की जा सकेगी।