सादाबाद के 48 किलो चांदी लूट की 20 साल पुरानी घटना में पुलिस खुद के खुलासे को साबित करने से बचती नजर आ रही है। न तो आज तक बरामद 35 किलो चांदी कोर्ट में पेश की जा सकी। न पुलिस के गवाह ही गवाही को आ रहे। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि माल कोतवाली के मालखाने में है भी या नहीं। इस कारण छह वर्ष से प्रकरण में गवाही अटकी है। कोर्ट द्वारा एसपी को भी लिखित में सूचित किया जा चुका है। अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष सादाबाद की गवाही का अंतिम अवसर भी समाप्त कर दिया है। साथ में प्रकरण मॉनीटरिंग सेल में रखना तय किया है।
कारोबारियों से लूटी थी 48 किलो चांदी
सादाबाद क्षेत्र में खंदौली-बिसावर मार्ग पर गांव कंजौली के निकट 24 जनवरी 2006 कर रात मार्शल सवार सात घुंघरू कारोबारियों से लूट हुई थी। ये लोग आगरा से 48 किलो ठोस चांदी लेकर आ रहे थे। इस लूट की रिपोर्ट तेज सिंह निवासी बिसावर ने कराई थी। सादाबाद पुलिस ने 15 फरवरी 2006 को घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तिों को गिरफ्तार किया। फर्द के अनुसार इनसे तीन कट्टों में 12 किलो चांदी बरामद की गई। इन्होंने लूट में शामिल अपने पांच अन्य साथियों के भी नाम बताए थे। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता गोविंद वशिष्ठ के अनुसार बाद में पुलिस ने इन पांचों से लगभग 23 किलो चांदी बरामद की थी।
अब छह साल से अटक रही गवाही
मामला अपर सत्र न्यायाधीक्ष एफटीसी-द्वितीय की कोर्ट में विचाराधीन है। प्रकरण में 2 सितंबर 2019 को सात में एक कारोबारी मुकेश कुमार की गवाही हुई थी, लेकिन पुलिस तब से कोर्ट में माल शिनाख्त के लिए बरामद चांदी प्रस्तुत नहीं कर पाई। इस कारण मुख्य परीक्षा जारी रही। तब से सादाबाद कोतवाली पुलिस ने तारीखों पर न कोई माल प्रस्तुत किया और न ही कोई गवाही हो सकी, जबकि प्रकरण में पुलिस के आठ सहित कुल 18 गवाह थे। केवल पांच गवाहों की गवाही होने से नाराज न्यायालय ने जून 2025 में पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। पुलिस ने अपने गवाह पुलिस कर्मियों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन बाद में यह रिपोर्ट दे दी गई कि पुराना रिकॉर्ड न होने के कारण गवाहों से संपर्क नहीं हो पा रहा।
न माल आया, न तत्कालीन थानाध्यक्ष
एसपी को पत्र लिखने के बाद 30 जुलाई 2025 को मुख्य गवाह तत्कालीन थानाध्यक्ष व मुकदमे के विवेचक अनिल कुमार शर्मा हाजिर हुए। बयान दर्ज कराए, लेकिन उस दिन भी बरामद चांदी पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। ऐसे में माल न होने के कारण उनकी गवाही पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद अनिल कुमार 7 अगस्त, 25 अगस्त, 19 सितंबर, 6 अक्तूबर, 29 अक्तूबर, 18 नवंबर व इस बृहस्पतिवार को नियत तारीख पर भी हाजिर नहीं हुए। यही नहीं सादाबाद पुलिस इन तारीखों पर भी बरामद चांदी प्रस्तुत नहीं कर सकी।
कोर्ट ने अब जताई नाराजगी
मामला कई वर्ष से लंबित होने के कारण नाराज एफटीसी कोर्ट द्वितीय ने बृहस्पतिवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस संबंध में जारी आदेश में गवाह अनिल कुमार का गवाही का अंतिम अवसर समाप्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखे जाने के बावजूद प्रकरण में लापरवाही बरतने व अनावश्यक विलंब पर नाराजगी जताते हुए मॉनिटरिंग सैल की बैठक में मामला रखने के लिए सीजेएम को पत्र लिखा गया है।
इनका कहना है
-प्रकरण में सीओ सादाबाद व थानाध्यक्ष सादाबाद को निर्देशित किया गया है। वे बरामद माल कोर्ट में प्रस्तुत करें तथा शेष गवाहों को भी हाजिर करें।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी