हाथरस। इस बार भी नगरपालिका बोर्ड की बैठक में हंगामे और नोक-झोंक के बीच 43 में से 33 प्रस्ताव सभासदों की सहमति से पास हो गए। कई प्रस्तावाें को लेकर सभासदों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासदों ने कहा कि एक साथ 43 प्रस्ताव रखना बजट को ठिकाने लगाने की योजना के तहत किया गया है। बैठक में एक दर्जन से भी ज्यादा बार हंगामा और नोक-झोंक हुई।
सभासदों ने आठ माह बाद बोर्ड बैठक बुलाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साफ-साफ कहा कि बोर्ड की बैठक प्रति माह बुलाई जानी चाहिए, न कि चार और आठ माह बाद। इस पर चेयरमैन डौली माहौर और ईओ बालकृष्ण कुम्हेरिया ने हर माह बैठक कराए जाने का आश्वासन दिया।
सभासदों ने कई प्रस्तावों को अगली बैठक में प्रस्तुत करने के लिए कहा। शहर की शान घंटाघर के जीर्णोद्धार का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। सभासदों ने यह भी कहा कि पालिका अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही से जनता सभासदों को खरी खोटी सुनाती है।
इस दौरान सभासदों और कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई तक हो गई, जिससे वहां हालात बिगड़ गए। बैठक में सभासद आशीष गोयल, प्रदीप शर्मा, मनीष अग्रवाल, गजेंद्र सविता, विजय सविता, प्रशांत शर्मा, शिवकुमार वार्ष्णेय, सुरेश चौधरी, गीता प्रेमी, बाला शर्मा, बीना जैन, मनोज अग्निहोत्री, मीना भारती, संदीप बाबू, देवेंद्र शर्मा, कमल कर्दम, रामजी लाल वर्मा आदि सभासद मौजूद थे।