रविवार शाम आई तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का असर दूसरे दिन सोमवार को भी रहा। जिले के सहपऊ, चंदपा और मुरसान क्षेत्र में बिजली के 300 खंभे टूटने और 25 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से 180 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप है। विभागीय टीमें दिनभर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। सोमवार देर रात तक कुछ स्थानों पर ही आपूर्ति बहाल की जा सके।
सहपऊ क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ। अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार आंधी के कारण 80 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए और 25 ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिर गए। जिससे 180 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। नगला ब्राह्मण, मढ़ापीठू, मढ़ाभोज, तामसी, बटपुरा, रैपुरा, गुतहरा, बुढ़ाइच, पीहुरा, थरौरा, धाधऊ, महरारा सहित कई गांवों में अंधेरा छाया है।
मुरसान और पटाखास विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में भी आंधी ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया। बेरीसला, बंका, दऊदा, अहरई, फरसोटी, बिचपुरी और दयालपुर समेत कई गांवों में रातभर बिजली नहीं रही। कई स्थानों पर विद्युत खंभे टूट गए हैं और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। अवर अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि मरम्मत कार्य के बाद सोमवार दोपहर तक अधिकांश गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि कुछ स्थानों पर नए खंभे लगाने के बाद ही बिजली सुचारु हो सकेगी।
इधर, चंदपा और बामौली क्षेत्र में भी रातभर बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल संकट के साथ मोबाइल फोन और इन्वर्टर भी जवाब दे गए। चंदपा बिजलीघर से कुछ फीडरों की आपूर्ति सोमवार को शुरू हो गई, लेकिन बिसाना फीडर और बामौली क्षेत्र के कई गांवों में देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी।
बामौली बिजलीघर के अवर अभियंता देवेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी में कई स्थानों पर खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता विद्युत अजीत कुमार सिंह ने बताया कि जिले में विभिन्न क्षेत्रों में करीब 300 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपूर्ति पूरी तरह से बहाल करने में अभी कुछ वक्त लग सकता है।