कलेक्ट्रेट सभागार में उप्र बाल सेवा योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्वीकृति के संबंध में जिला टास्क फोर्स की बैठक डीएम अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में हुई। डीएम ने उप्र बाल सेवा योजना सामान्य और उप्र बाल सेवा योजना कोविड-19 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को सभी उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्राप्त लंबित आवेदनों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।जिले में ऐसे 328 बच्चों के ग्रामीण क्षेत्र, विकास खंडों, नगरीय क्षेत्र और तहसील स्तर से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 286 बच्चों के आवेदनों को जिला टास्क फोर्स द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या ने बताया कि एक मार्च 2020 के उपरांत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे, जिन्होंने कोविड-19 से भिन्न अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है।
18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर, जिन्होंने कोविड-19 या अन्य कारणों से अपने माता पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अथवा अभिभावक को खो दिया है, उनको योजना के अंतर्गत एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को रुपये दो हजार 500 रुपये प्रतिमा प्रति बालक या बालिका अथवा पात्रता की शर्तों को पूर्ण करने तक लाभ प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं, उनके आवेदन के लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।