जिले में टीबी मरीजों के पौष्टिक आहार और आर्थिक सहायता के लिए केंद्र सरकार की निक्षय पोषण योजना का लाभ मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। जिले में वर्तमान में करीब 2,857 नोटिफाइड टीबी मरीज प्रोत्साहन राशि के इंतजार में हैं।
पुराने ठीक हो चुके मरीजों को शामिल करें तो यह संख्या करीब छह हजार तक पहुंचती है। एनएचएम के तहत बजट नहीं मिलने के कारण अगस्त 2025 से टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि अटकी हुई थी। मई 2026 में बजट प्राप्त होने के बाद भुगतान की उम्मीद जगी, लेकिन अब तकनीकी प्रक्रियाएं बाधा बन रही हैं।
बायोमीट्रिक में दिक्कत बनी रोड़ा
जिले में नौ टीबी केंद्र हैं। इन सभी पर मरीजों की आभा आईडी लिंक करने का काम चल रहा है, लेकिन पोर्टल धीमा होने और बायोमीट्रिक मिलान नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ई-केवाईसी प्रक्रिया में मरीज का फोटो और रेटिना स्कैन किया जाता है, लेकिन करीब 20 फीसदी मरीजों का रेटिना स्कैन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें आधार केंद्र जाकर बायोमीट्रिक अपडेट कराने के लिए कहा जा रहा है। ई-केवाईसी में फिंगरप्रिंट का विकल्प नहीं होने से भी परेशानी बढ़ रही है।
927 नए मरीजों की आभा आईडी हुई लिंक
24 मार्च से चल रहे विशेष अभियान में चिह्नित 1,810 मरीजों में से 927 की आभा आईडी लिंक की जा चुकी है। एक जनवरी से अब तक सामने आए 2,857 मरीजों में से कुल 1,200 की ही आभा आईडी लिंक और ई-केवाईसी हो सकी है।
पोर्टल माइग्रेशन से भी बढ़ी परेशानी
निक्षय एप को एसएनए स्पर्श पोर्टल से लिंक किए जाने की प्रक्रिया के चलते सर्वर और डेटा फीडिंग में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस कारण मरीजों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है।
यह है निक्षय पोषण योजना
इस योजना के तहत टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर महीने एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अपनी खुराक में पौष्टिक आहार (जैसे दूध, फल, प्रोटीन) शामिल कर सकें और दवाओं का शरीर पर बेहतर असर हो सके। यह राशि इलाज चलने के छह माह तक दी जाती है। इसी योजना के अंतर्गत पोषण पोटली भी वितरित होती हैं, जिसके लिए कोई बजट नहीं होता। ये दानदाताओं के जरिये बंटवाई जाती हैं।
एक नजर में
कुल नोटिफाइड मरीज : 2857
कुल वेरिफिकेशन : 43 फीसदी
नए मरीज लिंक : 51 फीसदी
मुख्य समस्या : बजट की कमी (पूर्व में), ई-केवाईसी और बायोमीट्रिक मिसमैच (वर्तमान में)
तकनीकी कारण : निक्षय एप का एसएन स्पर्श पोर्टल से लिंकेज
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बजट की दिक्कत नहीं है। नए आदेशों के क्रम में पहले मरीजों की आभा आईडी लिंक व ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाना है, जिसके बाद तत्काल उन्हें राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। पहले नए मरीजों को लिंक किया जा रहा है। आभा आईडी लिंक करने की प्रक्रिया पूर्ण होते ही दो हफ्ते के अंदर राशि उनके खातों में होगी।
-डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ