वन विभाग की नाक के नीचे निजी कंपनी ने जिले की 22 किलोमीटर संरक्षित वन भूमि पर मशीन से खोदाई करा डाली। भारत सरकार से बिना अनुमति लिए कंपनी ने अलीगढ़ रोड पर हनुमान चौकी से नगला भुस तक पिछले करीब 15 दिनों में यह खोदाई कराई है, लेकिन विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अलीगढ़ से आगरा तक एक निजी कंपनी द्वारा भूमिगत ऑप्टीकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाई जा रही है। कंपनी ने कुछ निजी ठेकेदारों को खोदाई का ठेका दिया है। नियमानुसार अलीगढ़ से आगरा तक राष्ट्रीय राजमार्ग के साइड की संरक्षित वन भूमि पर किसी भी गैर वानिकीय कार्य के लिए भारत सरकार से स्वीकृति की आवश्यकता होती है।
इसके लिए वन विभाग प्रोजेक्ट को अग्रसारित करता है। इस पर कई मानकों का आंकलन करते हुए राजस्व की गणना की जाती है, लेेकिन निजी कंपनी ने बेखौफ हनुमान चौकी से लेकर नगला भुस तक की संरक्षित वन भूमि को मशीन की मदद से करीब पांच फुट नीचे से खोद दिया है।
विद्युत विभाग दर्ज करा चुका है रिपोर्ट
निजी कंपनी के कर्मचारियों ने 30 जुलाई को मुरसान के निकट मशीन से भूमिगत विद्युत लाइन को काट दिया गया था, जिससे मुरसान के कई गांवों की विद्युत आपूर्ति करीब 24 घंटे तक ठप रही थी। अधिशासी अभियंता ने कंपनी के खिलाफ मुरसान थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था, फिर भी वन विभाग के अधिकारियों की आंखें नहीं खुलीं।
कैंटर में छिपाकर रखते हैं मशीन, रात में करते हैं खोदाई
संरक्षित वन भूमि पर अवैध तरीके से खोदाई करने वाले बेहद शातिर हैं। शिकायत होने पर मशीन को जब्त होने से बचाने के लिए वह उसे कैंटर में छिपाकर दूसरे स्थान पर ले जाते हैं। रात के समय कैंटर से इस मशीन को बाहर निकाल खोदाई शुरू कर दी जाती है। बृहस्पतिवार को भी प्रभागीय वनाधिकारी राकेशचंद्र यादव को जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो खोदाई करने वालों ने मशीन को पैक कर कैंटर संख्या में लाद दिया।
स्वीकृति है साहब, रोज जांच करते हैं वन विभाग वाले
ठेका कंपनी के तहत खोदाई करने वाले लखीमपुर खीरी के एक श्रमिक ने बताया कि कंपनी ने इसकी स्वीकृति ले रखी है। हर रोज वन विभाग वाले आते हैं और चेकिंग करने के बाद जाते हैं।
जब कंपनी ने काम शुरू किया था, तब उसके अधिकारी हमारे पास आए थे। हमने उनसे काम बंद करने के लिए कहा था। अगर वह अब भी काम कर रहे हैं तो मैं इसके लिए रेंजर से बात करता हूं।
-राकेशचंद्र यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, हाथरस।