एक तरफ सरकार प्रदेश में हरियाली लाने के लिए वृहद पौधरोपण करा रही है तो दूसरी तरफ हरे पेड़ों का कटान नहीं रुक रहा। सिकंदराराऊ के गांव अमौसी करमपुर में एक साथ 22 हरे पेड़ कटवा दिए। वन विभाग ने ग्राम प्रधान सहित दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
वन दारोगा चंद्रभान सिंह ने बताया कि गांव अमौसी करमपुर में पेड़ काटने की सूचना मिली थी। वह यहां के निवासी राजबहादुर व अतर सिंह के खेत पर पहुंचे तो पाया कि खेत कि निकट बनाए जा रहे चक मार्ग पर खड़े कुल 22 हरे पेड़ को काट दिया गया है। इनमें आठ पीपल, दो नीम, पांच जामुन, छह शीशम और एक देसी बबूल का पेड़ शामिल है। वहां कुछ वृक्ष मिट्टी में दबे हुए थे। काटने के बाद इन पेड़ों की लकड़ी गायब कर दी गई। इस मामले में ग्राम प्रधान व कटान करने वाले ठेकेदार के खिलाफ सिकंदराराऊ थाने में उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षा अधिनियम 1976 की धार 4/10 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि चूंकि कटान किए जाने के लिए वन विभाग से स्वीकृति नहीं ली गई थी, इसलिए दोषियों से जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।