सपा सरकार में बेशक कांशीराम टाउनशिप में नवनिर्मित आवासों के आवंटन की प्रक्रिया लटकी रही हो, लेकिन सूबे में भाजपा सरकार बनते ही यह योजना फिर सरकार की प्राथमिकता में आ गई है। बसपा शासन के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सूबे की नई सरकार पूरी तवज्जो दे रही है। शासन के निर्देश पर जिले में हाथरस और सिकंदराराऊ की कांशीराम टाउनशिप के नवनिर्मित आवासों के आवंटन की तैयारी तेज हो गई है। इसकी शुरुआत सिकंदराराऊ में बनी टाउनशिप से होने जा रही है। दूसरे चरण में हाथरस की टाउनशिप में आवासों का आवंटन किया जाएगा। इस तरह कई बेघरों का सिर पर छत का सपना साकार हो जाएगा।
गौरतलब है कि बसपा शासन में तीन चरणों में जिले में कांशीराम टाउनशिप का निर्माण किया गया था। पहले चरण में हाथरस में डेढ़ हजार आवासों की टाउनशिप बनाई गई थी। इन आवासों का आवंटन 2010 में ही हो चुका है। दूसरे चरण में सिकंदराराऊ में 500 आवास और तीसरे चरण में हाथरस में 955 आवासों की टाउनशिप बनाई गई, लेकिन जब तक इनका आवंटन शुरू हो पाता, तब तक सूबे की सत्ता से बसपा की विदाई हो गई और उसके बाद आई सपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पांच साल तक तो सपा सरकार ने सिकंदराराऊ और हाथरस में बनी टाउनशिप की सुधि ही नहीं ली। कार्यकाल के आखिरी दौर में सपा सरकार ने इन आवासों का आवंटन शुरू कराया, लेकिन यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
हालांकि चुनाव से पहले दोनों जगहों के लिए लाभार्थियों का चयन कर लिया गया था। अब इस सूची के आधार पर जिला प्रशासन ने दोनों जगहों पर नवनिर्मित आवासों के आवंटन की तैयारी कर ली है। सिकंदराराऊ में लॉटरी सिस्टम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। पहले चरण में 129 लाभार्थियों को आवासाें का आवंटन हो चुका है। अब दूसरे चरण में 164 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
इसी तरह हाथरस में 952 में से 59 आवासों की चाभियां लाभार्थियों को चुनाव से पहले ही बांट दी गई थीं। 141 और लाभार्थियों का चयन चुनाव से पहले कर लिया गया था, लेकिन इन्हें आवासाें का आवंटन नहीं किया जा सका था। अब इनका चयन भी लॉटरी सिस्टम से करने की तैयारी चल रही है। उम्मीद है कि मई के आखिर तक आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।