न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ऐसा तो नहीं हाथरस में कुछ प्रतिशत के लोभ के साथ रेजगारी को खपाया जा रहा हो। बुधवार को जीआरपी को चेकिंग के दौरान एक यात्री से पांच व दस के 50 हजार रुपये के सिक्के मिले तो इससे यह आशंका बलवती हो गई। काफी देर तक आयकर विभाग के अधिकारियों से भी वार्ता की गई, लेकिन बाद में लिखित में लेने के बाद रेजगारी को सौंप दिया गया।
बता दें कि हाथरस जिले में दस और पांच के सिक्के प्रचलन में हैं। निकटवर्ती यह सिक्के प्रचलन से बाहर हो गए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं हाथरस में सिक्कों को खपाया जा रहा हो। इसका प्रमाण बुधवार को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान जीआरपी प्रभारी सोनू राजौरा ने एक व्यक्ति से पांच और दस के 50 हजार रुपये के सिक्कों सहित पकड़ा।
पकड़े गए युवक ने बताया कि हाथरस से उसके यहां चुर्री आती हैं। यह बच्चों का सामान है। माल बेचने के दौरान रेजगारी आती है। जिसके यहां से हाथरस से माल जाता है, उस व्यापारी को भी बुलाया गया। लिखित में पेन कार्ड आदि लेने के बाद रेजगारी को उसे सौंप दिया। इस मामले में जीआरपी प्रभारी सोनू राजौरा का कहना है कि पांच और दस के सिक्कों की 50 हजार रुपये की एक व्यक्ति पर रेजगारी मिली थी। जिस चुर्री व्यवसायी को दी जानी थी, उसे भी बुला लिया गया है। इस बारे में लिखित में लेने के बाद रेजगारी को व्यापारी को सौंप दिया गया है।