बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी बीएड डिग्री वाले शिक्षकों की जांच शनिवार को भी जारी रही। विभाग ने शनिवार को की गई जांच में 20 और संदिग्ध बीएड डिग्रीधारी शिक्षक चिह्नित कर लिए हैं, जिनका सत्यापन जल्द ही पूरा हो जाएगा। सत्यापन में यह भी फर्जी पाए जाते हैं तो विभाग इनके खिलाफ विधिवत रूप से कार्रवाई करेगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से शिक्षा सत्र 2004-05 में बड़े पैमाने पर बीएड की फर्जी डिग्रियां जारी होने का खुलासा पिछले दिनों कराई गई एसआईटी जांच में हुआ। जांच में इस प्रकार की डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षक 4,570 हैं, जबकि माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी इन डिग्रियों से नौकरी करने वालों की बड़ी संख्या है। अगर यह जांच और बढ़ती है तो फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी करने वालों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। शासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में शिक्षक की नौकरी करने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है।
बीएसए रेखा सुमन द्वारा इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों के प्रति दिखाई गई सख्ती के बाद ब्लॉकों से कुछ और शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनमें से कुछ की विभागीय जांच टीम ने फिर जांच-पड़ताल की। इनमें 20 और नए फर्जी बीएड डिग्री वाले शिक्षक शनिवार को चयनित किए गए। इन शिक्षकों के इन शैक्षिक प्रमाण पत्रों की विभाग आने वाले समय में गंभीरता से सत्यापन करेगा, जिससे इनकी सत्यता सामने आने के बाद विधिवत रूप से कार्रवाई की जा सके।
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- शासन के आदेश और शिक्षा सत्र 2004-05 में बीएड की डिग्री पाकर नौकरी करने वाले एवं इसके बाद नौकरी पाने वाले सभी शिक्षकों की पूरी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जो भी फर्जी बीएड डिग्री वाले शिक्षक सामने आएंगे, उनके खिलाफ विधिवत रूप से विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- रेखा सुमन, बीएसए हाथरस