हाथरस। डीएम शमीम अहमद खान ने मंगलवार को जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी कानून के लागू होने से शासन की प्राथमिकता के तहत समाज के आखिरी छोर पर खडे़ गरीब और पिछडे़ तबके के लोगों को खाद्यान्न मुहैया होगा। गौरतलब है कि यह कानून एक मार्च से हाथरस समेत उन 47 जिलों में लागू हुआ है, जहां एक जनवरी 2016 को लागू नहीं हो सका था।
सुंदर बाग में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में डीएम शमीम अहमद खान ने दीप जलाकर और फीता काटकर अधिनियम का विधिवत शुभारंभ किया। डीएम ने कहा कि एनएफएसए के तहत जिले में पात्र लोगों के चयन में पूरी सतर्कता एवं पारदर्शिता रखी गई है, फिर भी यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज हो गया है तो उसको हटा दिया जाएगा। जिला प्रशासन पात्र लोगों को निर्धारित कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों का हक मारना पाप है। अत: साधन संपन्न या अपात्र लोगों का नाम यदि त्रुटिवश दर्ज हो गया तो वह तत्काल अपना नाम सूची से कटवा लें।डीएम ने महिला मुखिया सोना, कुसुमा देवी, अतर प्यारी, जसोदा राठौर तथा चंद्रवती को अधिनियम के अंतर्गत जारी नए राशन देकर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि पांच मार्च को एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की देखरेख में इस अधिनियम के तहत लाभार्थियों को राशन दुकान पर खाद्यान्न का वितरण कराया जाएगा।डीएसओ सुनील सिंह ने बताया कि जिले में अब तक कुल दो लाख 38 हजार 362 लाभार्थियों के नाम दर्ज किए गए हैं। यदि कोई भी पात्र व्यक्ति इस अधिनियम की पात्रता की शर्तों को पूरा करते हों और उनका नाम चयनित लाभार्थी की सूची में नहीं है तो वह अपना आवेदन तहसील स्तर पर आपूर्ति कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्र पाए जाने पर उनका नाम सूची में सम्मिलित कर लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम केहरी सिंह, डीआईओ यतीशचंद्र गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, राशन डीलर, लाभार्थी महिला मुखिया आदि थे।