1991 में भाजपाइयों संग तिरंगा फहराने लाल चौक गए थे रमेशचंद्र आर्य
पीएम मोदी के संयोजन में निकाली गई थी एकता यात्रा, जम्मू में हुई थी गिरफ्तारी
गौरव भारद्वाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले के लोगों का आजादी के लिए समय-समय पर चलाए गए आंदोलन में काफी योगदान रहा है। सोमवार को अनुच्छेद 370 व 35 ए पर फैसला आने के बाद शहर के वरिष्ठ भाजपाई रमेशचंद्र आर्य पुरानी यादों में खो गए। वह वर्ष 1991 में लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए पीएम मोदी के संयोजन में निकाली गई एकता यात्रा में पत्नी प्रकाशवती आर्य व भाजपाइयों संग शामिल हुए थे। जम्मू में गिरफ्तारी दी। चंद कद्दावर नेताओं को लाल चौक पर तिरंगा फहराने की अनुमति दी गई।
शहर के वरिष्ठ भाजपाई रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि वर्ष 1991 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराने के लिए पूरे देश से एकता यात्रा निकाली गई थी। तब हाथरस जिला अलीगढ़ जिले में शामिल था। अलीगढ़ जिले से आधा दर्जन बसें जम्मू कश्मीर के लिए गई थीं। हाथरस से भाजपा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका रमेशचंद्र आर्य और पत्नी प्रकाशवती आर्य के नेतृत्व में दर्जनों लोग लाल चौक पर झंडा फहराने के लिए गए थे।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के व्यवस्थापक भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। हाथरस और अलीगढ़ के जो कार्यकर्ता लाल चौक के लिए रवाना हुए थे, उनको जम्मू में गिरफ्तार कर लिया गया था। देश के मात्र छह वरिष्ठ भाजपा नेताओं को लाल चौक जाने की परमिशन दी गई थी। आज अनुच्छेद 370 और 35 ए पर ऐतिहासिक फैसला आने पर भाजपा के संस्थापक सदस्य रमेश चंद्र आर्य ने प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाजपा के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जम्मू और कश्मीर के लिए देखा गया सपना एक निशान एक प्रधान एक विधान आज पूरा हो गया। केंद्र की भाजपा सरकार का यह फैसला पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने कश्मीर को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया था।