शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश के लिए लॉटरी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। प्रथम चरण में 1980 बच्चों का चयन मुफ्त प्रवेश के लिए किया गया है, जिस पर अब अंतिम मुहर लगने का इंतजार है।
जिले में आरटीई के तहत कुल 7074 आवेदन प्राप्त हुए थे। बेसिक शिक्षा की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान 159 आवेदक अपात्र पाए गए, जबकि 6916 आवेदक पात्र घोषित किए गए। पात्रों में से लॉटरी के माध्यम से 1980 बच्चों का चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के अभिभावकों को निर्धारित समय सीमा में संबंधित विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।
वहीं 4936 आवेदक प्रथम चरण में चयनित नहीं हो सके हैं। ऐसे अभ्यर्थी दूसरे चरण में पुन: प्रयास कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने बताया कि कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई है। लॉटरी का परिणाम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अभिभावक आसानी से अपने आवेदन की स्थिति देख सकें।