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हिंदुत्व से राजनाथ ने किया परहेज, विकास पर रहा फोकस

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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गौरव भारद्वाज

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भाजपा की विजय संकल्प रैली में सबसे पहले जनसभा में आए लोगों से जुड़ने की कोशिश की। ठाकुर बहुल इस क्षेत्र में राजनाथ ने राष्ट्रवाद की बात तो की ही, लेकिन वहां काफी तादाद में किसान भी मौजूद थे तो राजनाथ इस मौके पर यह बताना भी नहीं भूले कि सरकार ने किसानों को क्या-क्या सहुलियतें दी हैं। उन्होेंने आंकड़ों के गणित का हिसाब पेश कर राहुल की घोषणा को भी फेल बता दिया। हालांकि 25 मिनट के अपने भाषण में राजनाथ से हिंदुत्व का जिक्र नहीं किया और उनका फोकस विकास पर रहा।

उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह की इस जिले में अक्सर कैलोरा चौराहे पर ही सभा होती हैं। इसकी वजह यह है कि यह इलाका ठाकुर बाहुल्य है और ठाकुर बिरादरी राजनाथ के नाम पर यहां उन्हें सुनने के लिए एकत्रित भी हो जाती है। राजनाथ जैसे ही मंच पर पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने यह कहा कि वह इस स्थान पर काफी दिन बाद आए हैं और विस चुनाव में नहीं आए। तब पब्लिक बोली कि नहीं वह पिछले विस चुनाव में यहां आए थे। इस पर राजनाथ ने खुद कहा कि चूंकि उन पर जिम्मेदारियां बढ़ गई है और 105 सभाओं को पिछले विस चुनाव में उन्होंने संबोधित किया था। ऐसे में हो सकता है कि वह भूल गए हो।
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हालांकि इसके पीछे लोगों ने यही माना कि राजनाथ यहां से अपना पुराना जुड़ाव बता रहे हैं। अपनी सभा के जरिये राजनाथ एक तरीके से यहां ठाकुरों को साधने की कोशिश करते हुए दिखाई। सभा स्थल बिलकुल देहाती स्थल था और वहां काफी तादाद में किसान मौजूद थे तो राजनाथ ने किसानों के बीच अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने किसानों से पूछा कि उनके खाते में इनकम सपोर्ट का पैसा आ रहा है या नहीं तो काफी लोगों ने हाथ उठा दिए। उन्होंने यह हवाला देकर किसानों को रिझाया कि जल्द ही किसानों की आमदनी बढ़ जाएगी। उन्होेंने इसके साथ ही राहुल की इस घोषणा की कि यदि कांग्रेस की सरकार बनी तो हर गरीब परिवार के खाते में 72 हजार रुपये आएंगे को भी अपने उदबोधन में गलत बताया।

उनका कहना था कि राहुल आमदनी की शेष धनराशि देने की कह रहे हैं। कुल 72 हजार रुपये की नहीं। राजनाथ ने कांग्रेस और गठबंधन पर तीखे हमले किए और राष्ट्रवाद की बात कही। अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान कर विपक्षियों को भ्रष्टाचारी बताकर राजनाथ ने लोगों को यह बताने की कोशिश की कि देश की सुरक्षा भाजपा की सरकार में ही सुरक्षित है। यही नहीं राजनाथ ने मोदी को चौकन्ना चौकीदार भी बताया।
कैसी हो रही है पहलवानी
हाथरस। राजनाथ ने अपनी सभा में पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान का नाम लिया तो उनसे यह पूछा कि अब पहलवानी हो रही है या नहीं। फिर वह खुद ही बोले कि पहलवानी होती रहनी चाहिए। उन्होंने पूर्व विधायक लहटू ताऊ का जब नाम लिया तो लहटू ताऊ मंच पर खड़े हो गए। अपने संबोधन में राजनाथ ने प्रत्याशी राजवीर सिंह दिलेर के पिता किशनलाल दिलेर का कई बार नाम लिया और उनकी स्वच्छ छवि वाला व्यक्ति बताते हुए उनकी बेहद तारीफ की।

हमने गेस्ट हाउस में बचाया था मायावती को: माहौर
हाथरस। राजनाथ सिंह के आने से पहले कई वक्ताओं ने विपक्षी दलों पर तीखे हमले किए। इसमें सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया। सदर विधायक बोले कि आज सपा और बसपा एक हो गए हैं, जबकि दोनों दलों के नेता एक दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 में वह और राजवीर सिंह पहलवान दोनों भाजपा से विधायक थे, तब गेस्ट हाउस कांड हुआ था। मायावती को वहां अपनी जान बचाने के लिए बाथरूम में घुसना पड़ा था। तब पार्टी के ब्रह्मदत्त द्विवेदी और हमने उनको बचाया था। अब मोदी के खिलाफ सब एकजुट हैं।

एक घंटे देरी से आए राजनाथ
हाथरस। भाजपा की विजय संकल्प रैली में गृह मंत्री करीब एक घंटे देरी से पहुंचे। उनका यहां कार्यक्रम 4.20 बजे आने का था लेकिन वह 5.18 बजे आए। इस दौरान कई बार यह भी हल्ला मचा कि राजनाथ का कार्यक्रम निरस्त न हो जाए, लेकिन बाद में वह आ गए।
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पुलिसकर्मियों से हुई तीखी नोक-झोंक
हाथरस। सभास्थल पर लोगों में खासा जोश भी देखने को मिला। इस मौके पर जमकर मोदी-मोदी-मोदी के नारे लगे और लोगों ने राजनाथ सिंह व पार्टी के पक्ष में भी नारे लगाए। इस मौके पर आगे जाने के लिए कुछ भाजपाइयों की पुलिसकर्मियों से तीखी नोक-झोंक भी हुई। बाद में जब राजनाथ सिंह आ गए, तब यह नोक-झोंक शांत हुई।
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