हाथरस। ग्राम पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए विकास खंड हाथरस और मुरसान में सोमवार को आखिरी दिन नामांकन दाखिल करने वालों का तांता लगा रहा। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 1,758 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए।
प्रधान पद के लिए 642 और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 1,143 प्रत्याशियों के नामांकन आए। आखिरी दिन होने के कारण शाम पांच बजे के बाद तक पर्चा भरने का काम चला। दोनों ब्लॉकों पर रात तक गहमागहमी रही। शाम पांच बजते ही सुरक्षा कर्मियों ने ब्लॅक दफ्तरों के गेट बंद कर दिए।
इसके बाद सिर्फ वही प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर पाए, जोकि इससे पूर्व अंदर दाखिल हो चुके थे। बाकी को बाहर कर दिया गया। खबर लिखने तक दोनों ब्लॉकों में पर्चा जमा करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा था। डीएम अबरार अहमद और एसपी डॉ. एस. चन्नप्पा ने भी पूरे दलबल के साथ ब्लॉक दफ्तरों पर पहुंचकर नामांकन का जायजा लिया और कमियां मिलने पर अधीनस्थों को लताड़ भी लगाई।
हाथरस ब्लॉक के आरओ भूमि संरक्षण अधिकारी रामप्रवेश ने बताया कि दूसरे दिन ग्राम प्रधान पद के लिए कुल 265 और सदस्य पद के लिए 495 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। इस तरह दोनों दिन में कुल 659 नामांकन सदस्य पद और 648 नामांकन प्रधान पद के लिए दाखिल किए गए हैं।
मुरसान ब्लॉक के आरओ डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर संजय कुमार ने बताया कि दूसरे दिन यहां प्रधान पद के लिए 377 और सदस्य पद के लिए 648 लोगों ने पर्चे भरे। दोनों दिन में यहां प्रधान पद के लिए कुल 682 और सदस्य पद के लिए 683 लोगों ने नामांकन दाखिल किए।
ज्यादातर प्रत्याशी और उनके समर्थक ढोल-नगाड़ों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। दिन भर ब्लॉक दफ्तर पर मेले सरीखा नजारा दिखाई दिया। पूरे दिन यहां नारेबाजी का शोर गूंजता रहा। हालांकि प्रत्याशियों के साथ आई उनके उत्साहित समर्थकों की भीड़ 200 मीटर का सुरक्षा घेरा पार नहीं कर सकी। नामांकन केंद्र के अंदर तो प्रत्याशियों को अकेले ही जाना पड़ा।
नामांकन केंद्रों के आसपास भीड़ देखकर डीएम-एसपी बिगड़ गए। उन्होंने वहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत देकर भीड़ को दूर तक खदेड़वाया और कहा कि अगली बार यह भीड़ 200 मीटर के अंदर नहीं आने पाए।
हाथरस और मुरसान में ब्लॉक दफ्तरों के आसपास बनी खान-पान की दुकान वालों की तो चढ़ बनी। साथ आए प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को खुश करने के लिए इनके यहां जमकर दावत दी। पूड़ी-सब्जी के अलावा मिठाइयां भी परोसी गईं। शाम तक इनके यहां सभी सामान एकदम साफ हो गया। वह कहते दिखे काश! ऐसा मेला रोज यहां लगे।
वोटर लिस्ट और नो ड्यूज काम यहां भी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में चला। यहां तैनात एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी भी टेबलों पर पहुंचकर जायजा लेते रहे और यह पूछते रहे कि यहां कोई पैसा तो नहीं लिया जा रहा।