हाथरस। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में बन रहे शौचालयों के प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने गांवों को पूर्ण ओडीएफ करने के लिए नामित किए गए गांवों के प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। रिपोर्ट प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों को डीएम ने नोटिस देने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध नाराजगी जाहिर करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्राम ताजपुर के ओडीएफ घोषित करने के उपरांत भी नोडल अधिकारी द्वारा शौचालय में त्रुटियां रहने पर नाराजगी जाहिर करते हुए पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता सर्वेक्षण रैकिंग के लिए कार्ययोजना
डीएम ने उपस्थित अधिकारियों को शासन द्वारा स्वच्छता रैकिंग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह रैकिंग प्राइवेट टीमों द्वारा सर्वेक्षण के उपरांत जारी की जाएगी। इसका प्रारंभ एक अगस्त से किया जाएगा। जिसका मापदंड सरकारी विद्यालय, मंदिर, मस्जिद, अस्पताल, पंचायत भवन तथा गांवों को रखा गया है। जिलाधिकारी ने इस स्वच्छता रैकिंग का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिया। उन्होंने स्वच्छता रैकिंग में अच्छा स्थान बनाने के लिए सफाई कर्मी का ग्रुप बनाकर साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने उपस्थित उपजिलाधिकारी से आय, जाति तथा निवास प्रमाण पत्रों के तीन दिन में बनाकर जारी करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में लगाई गई प्राइवेट टीमें जनपद के 06 से 15 गांवों का सर्वेक्षण करने के उपरांत नंबर देंगी। जिसके लिए सफाई, फीडबैक तथा नई शुरूआत तीन पैरामीटर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस रैकिंग में उचित स्थान बनाएं रखने के लिए आम जनमानस में जागरूकता का प्रचार प्रसार करना होगा। जिसके लिए 27 जुलाई को समस्त ग्राम प्रधानों की कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी हाथरस अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सासनी अंजुम बी, उपजिलाधिकारी सादाबाद इंद्रसेन यादव, उपजिलाधिकारी ज्योत्स्ना बंधु, परियोजना अधिकारी डूडा अंजू सिंह, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी प्रतिभा पाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।