विश्व पर्यावरण दिवस आज मनाया जाएगा। बीते नौ वर्ष में जिले में 1.63 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, लेकिन हरियाली बढ़ती नहीं दिखती है। गर्मी में इस बार लगातार कई दिनों तक अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक रहा है, लू का भीषण प्रकोप रहा है। मौसम के जानकार कहते हैं कि यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है, जिससे तापमान बढ़ रहा है। हरियाली क्षेत्र कम होने ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है।
वर्ष 2017 से 2025 तक 1.63 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। वन विभाग के अनुसार भारतीय वन सर्वेक्षण की वर्ष 2023 की रिपोर्ट में जनपद का हरित आच्छादन केवल 1.20 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 की रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि हाल के वर्षों में चलाए गए पौधरोपण अभियानों का वास्तविक असर कितना हुआ।
पर्यावरण विद भवतोष मिश्र का कहना है कि पौधे लगाने और हरियाली बढ़ने के बीच लंबा अंतराल होता है। यदि लगाए गए पौधों का संरक्षण नहीं होगा तो उनका पर्यावरणीय लाभ भी नहीं मिल पाएगा। यह समय केवल पौधों की संख्या गिनने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि लगाए गए पौधे बड़े होकर वृक्ष बनें या नहीं, तभी हरियाली बढ़ेगी और तापमान पर भी सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए हजारों पेड़ों का कटान भी हरित क्षेत्र पर असर डाल रहा है। जिले में कुल वन क्षेत्र 18.40 वर्ग किलोमीटर है, जबकि पिछले वर्षों में इसमें 0.92 वर्ग किलोमीटर की कमी दर्ज की गई है। यही कारण है कि पौधरोपण के बड़े आंकड़ों के बावजूद लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
7800 पेड़ कटे, भरपाई में कब
-मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी के निर्माण में 7300 पेड़ों का कटान
-आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 271 पेड़ हटाए जा रहे
-अलीगढ़-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-91 के निर्माण में 250 पेड़ों का कटान
पिछले 09 वर्षों में 1.63 करोड़ पौधे लगाए
जिले में हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2017 में 3.5 लाख, वर्ष 2018 में 5.2 लाख, वर्ष 2019 में 19.00 लाख, वर्ष 2020 में 17.30 लाख, वर्ष 2021 में 25.75 लाख, वर्ष 2022 में 26.65 लाख, वर्ष 2023 में 20.14 लाख, वर्ष 2024 में 24.70 लाख और 2025 में 21.44 लाख पौधे लगाए गए।
कागजों में देखभाल, बाकी राम भरोसे
जनपद में होने वाले कुल पौधरोपण का करीब 40 फीसदी वन विभाग व 60 फीसदी अन्य विभाग करते हैं। इन पौधों की जियो टैगिंग की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। बिना गड्ढा बनाए ही रोपे जाने वाले पौधों का भगवान ही मालिक होता है। कहने को इनकी चेकिंग भी की जाती है और खराब हुए पौधों को बदला भी जाता है, लेकिन हरियाली फिर भी नहीं बढ़ रही।
आज विधानसभा वार होंगे कार्यक्रम
पर्यावरण दिवस का मुख्य कार्यक्रम आज सासनी के निकट नगर वन में किया जाएगा। जहां सदर विधायक व डीएम हरी शंकरी वाटिका में 50 पौधे लगाएंगे। प्लास्टिक फ्री जनजीवन को लेकर कार्यक्रम का आयोजन होगा। सिकंदराराऊ के गांव नगला कांच में विधायक की उपस्थित में 500 पौधे, सादाबाद के गांव मीरपुर स्थित मंदिर पर भी पौधे लगाए जाएंगे।
विकास कार्यों के लिए पेड़ों का कटान जारी है। पौधों को पेड़ बनने में कुछ समय लगता है। लगातार हो रहे पौधरोपण के चलते ही हम हरियाली प्रतिशत को थामे रखने में कामयाब हैं।
-राकेश चन्द्र यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, हाथरस।