न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
एक अप्रैल के बाद बने वाहनों में अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगेगी। इस प्लेट में चिप लगी होगी। चिप को स्कैन करने के साथ पूरी जानकारी एआरटीओ प्रशासन को मिल जाएगी। वाहन स्वामी से इस प्लेट के लिए कोई अलग से कीमत नहीं चुकानी होगी।
रजिस्ट्रेशन के कागजात के साथ डीलर नंबर प्लेट को डीलर ही उपलब्ध कराएंगे। वाहन पर लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट टूटने की स्थिति में दूसरी प्लेट डीलर बनवाएगा। वाहन स्वामी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। डीलर वाहन बेचते समय एआरटीओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन के साथ नंबर प्लेट लगाई जाएगी।
आसानी से पकड़ में आएंगे वाहन
सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने के बाद आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त वाहन आसानी पकड़े जाएंगे। चूंकि इस प्लेट में नंबर लेजर से अंकित किया जाएगा, जिसे खुफिया कैमरा आसानी स्कैन कर लेगा।
यह है सिक्योरिटी नंबर प्लेट की विशेषताएं
प्लेट पर बाईं तरफ बीच में नीले रंग से इंडिया लिखा होगा। प्लेट पर क्रोमियम बेस एक होलोग्राम होगा। प्लेट पर सात अंकों का आईडी नंबर होगा। प्लेट के कोने राउंड होंगे। इसके ऊपर लेजर नंबर लिखे होंगे। प्लेट एक बार लग जाएगी तो उसे खोला नहीं जा सकता है।
एक अप्रैल के बाद बने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगेंगी। इस नंबर प्लेट में चिप लगी होगी। इसको डीलर द्वारा ही लगाया जाएगा।
- महेश कुमार शर्मा, एआरटीओ प्रशासन हाथरस।