न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
लोकसभा चुनाव के मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे ही विकास की बातें करने वाले प्रत्याशी और उनके समर्थक विभिन्न जाति-बिरादरी में अपनी घुसपैठ बनाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। लगभग एक लाख यादव समाज के मतदाताओं पर मुकाबले में शामिल सभी दलों की निगाहें हैं। सपा इन मतदाताओं को अपना परंपरागत वोटर मानते हुए इन्हें लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है।
वहीं भाजपा और कांग्रेस की कोशिश है कि कुछ स्थानीय और अपने पार्टी के अन्य चेहरों को सामने लाकर इस बिरादरी के वोटरों को अपने पक्ष में किया जाए। इस संसदीय क्षेत्र में लगभग एक लाख यादव मतदाता हैं। सिकंदराराऊ और छर्रा विधानसभा क्षेत्र में इनकी अच्छी खासी संख्या है। सपा को इस बिरादरी के वोटरों से खासी उम्मीद है और पार्टी अपना मुख्य आधार इसे ही मानती है।
पार्टी को उम्मीद है कि यादव मतदाता उसे ही वोट देेंगे। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की सभा भी यहां कराई जा रही है। बात यदि अन्य दलों की करें तो इसके लिए कुछ क्षेत्रीय नेताओं का सहारा लिया जा रहा है तो कुछ बड़े नेताओं के चेहरे दिखाकर वोट पाने की जुगत लगाई जा रही है।