न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ग्राम पंचायत भिसी मिर्जापुर के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से 1,06,617 रुपये की वसूली की जाएगी। डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार द्वारा ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश जारी किया गया है। डीएम ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
ब्लॉक सिकंदराराऊ की ग्राम पंचायत भिसी मिर्जापुर के गांव राजपुर के रहने वाले रणजीत कुमार ने डीएम से शपथ पत्र के माध्यम से विकास कार्यों में अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के कामों की जांच कराए जाने की शिकायत की थी। शिकायत को संज्ञान लेते हुए डीएम ने प्रकरण की जांच के लिए के लिए उपकृषि निदेशक और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग को नामित किया।
दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त आयोग के तहत 1,06,617 रुपये का अपव्यय पाया। यह भी पाया कि ग्राम प्रधान द्वारा पदीय दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया गया है। इस संबंध में डीएम ने ग्राम प्रधान श्यामवीर सिंह को नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया है कि प्रकरण में जांच रिपोर्ट के आधार पर क्यों न 53,308.50 रुपये की वसूली कर अनियमितताओं के विरुद्ध वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को समाप्त कर ग्राम पंचायत में एक समिति गठित कर दी जाए। इन बिंदुओं पर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण तलब किया है।
पंचायत सचिव देवेंद्र सिंह को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि सचिव द्वारा अपने प्रतिस्थानी को समय से चार्ज हस्तांतरण नहीं कर शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। जांच समिति द्वारा पंचायत सचिव से 53,305.50 रुपये वसूली करने की सिफारिश की गई है। डीएम ने दोनों को नोटिस जारी करने के साथ निर्देश दिया है कि अगर निर्धारित समयावधि में जवाब नहीं दिया तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।