बागला महिला जिला चिकित्सालय में नवरात्र के दौरान कुल 62 कन्याओं ने जन्म लिया। इसके अलावा सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 35, सासनी के स्वास्थ्य केंद्र पर 27, सहपऊ के स्वास्थ्य केंद्र पर 16 और हसायन के स्वास्थ्य केंद्र पर छह कन्याओं ने जन्म लिया।
शारदीय नवरात्र में हाथरस जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 146 कन्याओं ने जन्म लिया। किसी के घर में दशकों बाद बेटी का जन्म हुआ तो कहीं पीढ़ियों के बाद बेटी की किलकारी गूंजी। नवरात्र में जन्मीं बेटियों को परिजन देवी का स्वरूप मान रहे हैं और उनके जन्म से खुद को धन्य समझ रहे हैं।
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शहर के बागला महिला जिला चिकित्सालय में नवरात्र के दौरान कुल 62 कन्याओं ने जन्म लिया। इसके अलावा सादाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 35, सासनी के स्वास्थ्य केंद्र पर 27, सहपऊ के स्वास्थ्य केंद्र पर 16 और हसायन के स्वास्थ्य केंद्र पर छह कन्याओं ने जन्म लिया। इन कन्याओं के अधिकांश अभिभावकों का कहना है कि वह अपनी बेटी का नामकरण भी मातारानी के नौ स्वरूपों में से ही करेंगे।
उनके परिवार पर मातारानी की कृपा हुई है और नवरात्रि में उन्हें देवी स्वरूपा कन्या मिली है। वह बेटों की तरह ही अपनी बेटी का भविष्य संवारेंगे। सादाबाद सीएचसी पर 11 अक्टूबर को महाअष्टमी के दिन तीन कन्याओं ने जन्म लिया। गांव बमनई निवासी विनीता, गांव भदूरी निवासी अर्चना और गांव तसींगा निवासी मालती ने इन बच्चियों को जन्म दिया।
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नवरात्र में यदि आपके घर कन्या का आगमन हुआ है तो आप बहुत भाग्यवान हैं और साथ ही कन्या का भविष्य भी शुभ है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्र में जन्मी कन्या पर देवी दुर्गा की विशेष कृपा होती है। जन्म के समय गृह व नक्षत्रों की स्थिति कैसी थी, यह बहुत मायने रखती है।-योगेश शरण शर्मा, ज्योतिषाचार्य