न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों के पसीने छुड़ा दिए हैं। बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों के माथे पर चिंता झलकने लगी हैं। फसल को भी क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बारिश और ओलावृष्टि से जहां आलू की खुदाई पर ब्रेक लग गए हैं। लाहा आदि की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है, जबकि गेहूं आदि की फसल में किसी क्षति की संभावना नहीं है। किसान इस बारिश को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। आलू की फसल पर भी बारिश का प्रतिकूल असर पड़ना तय है। राजकुमार सठिया का कहना है कि बरसात व ओलावृष्टि से आलू की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
आलू की खुदाई लेट होगी। इससे कोल्ड स्टोर में भीड़ बढ़ जाएगी। आलू की क्वालिटी खराब हो जाएगी। अविनाश तिवारी का कहना है कि लाहा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गेहूं की फसल को बारिश से फायदा होगा, लेकिन ओले पड़ने से फसल कमजोर हो गई है। पैदावार कम होने की संभावना है।