दिल्ली सरकार के नए एलान ने हाथरस के ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक सितंबर से डीजल के बीएस-4 मानक वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। अब वहां केवल बीएस-6 मानक वाले वाहन ही आवाजाही कर पाएंगे। इससे हाथरस के 125 ट्रक अब दिल्ली में नहीं घुस पाएंगे, जिससे ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
हाथरस से रोजाना छोटे-बड़े करीब सवा सौ माल वाहन माल लेकर दिल्ली जाते हैं। यही वाहन वापसी में दिल्ली से माल लेकर आते हैं। अभी तक यह कारोबार ठीकठाक चल रहा है, लेेकिन एक सितंबर से दिल्ली का कारोबार करना ट्रांसपोर्टरों के लिए परेशानी का सबब बन जाएगा। उन्हें अपने पुराने बीएस-4 मानक वाले माल वाहनों को बीएस-6 में बदलना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें 10 हजार रुपये से अधिक के चालान का सामना करना पड़ेगा। इसी बात से जनपद के ट्रांसपोर्टर चिंतित हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह दो माह बाद कारोबार कैसे कर पाएंगे।
हाथरस दिल्ली जाने वाली मुख्य वस्तुएं
खरबूजे के बीजे, मैटल हैंडीक्राफ्ट, घुंघरु, घंटी, मोती, दालें, रेडीमेड गारमेंट्स, रंग-गुलाल, हींग का तैयार माल, गेहूं, कचरी-नमकीन, हरी सब्जियां, पूजन सामग्री, लोहे का कबाड़ आदि।
दिल्ली से हाथरस आने वाली वस्तुएं
स्टील बर्तन, कच्ची हींग, जूता, चप्पल, होजरी, मेवा, मसाले, कपड़े, प्लास्टिक के सामान, मोटर पार्टस, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खिलौने, लोहा, स्टेशनरी, शृंगार सामग्री, नमकीन, पान मसाला, कोल्ड ड्रिंक व अन्य पेय पदार्थ, ब्रांडेड चावल, ब्रांडेड बेसन व अन्य खाद्य सामग्री।
दिल्ली में एक सितंबर से डीजल के बीएस-4 मानक के वाहनों का प्रवेश बंद किया जा रहा है। यह नियम ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लिए बहुत बड़ी समस्या पैदा करेगा। इसके समाधान के लिए ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से दिल्ली सरकार से वार्ता भी की जानी है। हो सकता है वार्ता में कुछ निस्तारण हो। -
अमित बंसल, सचिव हाथरस गुड्स ट्रांसपोर्ट ऐसासिएशन।
ट्रांसपोर्टरों के सामने बहुत बड़ी समस्या आ रही है। दिल्ली में सख्ती के साथ अगर बीएस-6 ट्रकों का नियम लागू हुआ तो चार ट्रक बेचकर एक बीएस-6 ट्रक खरीदना पड़ेगा, इसके बाद ही कारोबार हो सकेगा। इसके बाद मेरा कारोबार एक चौथाई रह जाएगा, या फिर बड़ा निवेश कर नये वाहनों की खरीद करनी होगी। -
जीतू, ट्रांसपोर्टर।
समस्या
-हाथरस में वर्तमान में अधिकांश ट्रक बीएस-4 मानक वाले
-20 ट्रांसपोर्टरों के 125 ट्रक रोजाना आते-जाते हैं दिल्ली
-25 करोड़ रुपये का माल रोजाना दिल्ली से आता-जाता है
-नए बीएस-6 ट्रक खरीदने की मजबूरी, कारोबार होगा प्रभावित