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हड़ताल पर चल रहीं आंगनबाड़ी कर्मियों पर कसा शिकंजा

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पर्ची नहीं बांटना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पड़ेगा महंगा

हाथरस।
हड़ताल पर चल रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा डोर-टू-डोर जाकर वोटर पर्चियां बांटने से इंकार करने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एडीएम रेखा एस चौहान ने सभी उपजिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करें।

अगर उनके द्वारा चुनाव संबंधी पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया तो उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उनकी सेवा समाप्त करने की भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने एसडीएम से कहा है कि वह अपने स्तर से मतदाताओं के घर-घर जाकर मतदाता पर्ची बंटवाने की वैकल्पिक व्यवस्था लेखपाल या अन्य माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित करें, जिससे निर्वाचन कार्य में व्यवधान की स्थिति पैदा नहीं हो।
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एडीएम ने एसडीएम को जारी आदेश में कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगाई गई है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मानदेय आदि को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं और उनके द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन से मना किया जा रहा है। चूंकि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत अधिसूचना के अनुसार जिले में निकायों के अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए 22 नवंबर को मतदान कराया जाना है। मतदाताओं को बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर वोटर पर्ची उपलब्ध कराई जानी है।
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ऐसे में यह काम बाधित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। एडीएम ने कहा है कि चुनाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा पैदा नहीं हो, इसके लिए एसडीएम अपनी तहसील क्षेत्र में बीएलओ के रूप में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों को तत्काल चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार बीएलओ पर्ची प्राप्त कर मतदाताओं के घर-घर जाकर वितरित करने के लिए नोटिस जारी करें। नोटिस में यह जरूर अंकित किया जाए कि वर्तमान में आदर्श आचार संहिता के साथ जिले में धारा 144 भी लागू है, इसलिए बीएलओ के रूप में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने पदीय दायित्व के अनुरूप चुनाव संबंधी इस महत्वपूर्ण कार्य को समय से संपादित करना सुनिश्चित करें।
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