सासनी के गांव नदौना में समूह के कारोबार पर चर्चा करतीं महिलाएं। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Self
सासनी ब्लॉक के गांव नदौना की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह सखी देवेश के मार्गदर्शन में 12 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों से जुड़ीं 120 महिलाओं ने अपने-अपने काम शुरू किए हैं। कई महिलाओं ने सिलाई और पोशाक निर्माण का कार्य शुरू किया, जबकि अन्य ने डेयरी, पशुपालन और छोटे घरेलू व्यवसाय अपनाए हैं।
समूह सखी देवेश ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, प्रशिक्षण और मार्केटिंग की जानकारी दी जाती है। सामूहिक प्रयासों से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
गांव की महिलाओं का कहना है कि पहले वे घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब समूहों के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। सिलाई, स्कूल ड्रेस व अन्य पोशाक तैयार कर वे स्थानीय बाजार में बिक्री कर रही हैं। डेयरी और पशुपालन से भी आमदनी बढ़ी है। उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। अन्य महिलाएं भी अब समूहों से जुड़ रही हैं।