बीस साल पहले हुई चांदी लूट मामले में बरामद माल में से केवल 12 किलो धातु ही बुधवार को कोर्ट में पहुंच सकी। विवेचक व गवाह के हाजिर नहीं होने के कारण कट्टे खुल नहीं सके, जिससे माल की तस्दीक नहीं की जा सकी। अब केस में दो जनवरी की तारीख लगी है, जिसमें विवेचक के उपस्थित होने की उम्मीद है।
बता दें कि सादाबाद क्षेत्र में 24 जनवरी 2006 को सात कारोबारियों से 48 किलो चांदी की लूट हुई थी। पुलिस ने 15 फरवरी 2006 को घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था और 12 किलो चांदी भी बरामद कर ली थी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार पुलिस ने 23 किलो चांदी बाद में बरामद की थी। कुल 35 किलो चांदी की बरामदगी हो गई थी।
यह मामला अब एडीजे एफटीसी कोर्ट द्वितीय में चल रहा है। छह साल से बरामद माल व गवाहों को प्रस्तुत न कर पाने पर पिछली तारीख पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया था तथा विवेचक अनिल शर्मा के हाजिर न होने पर साक्ष्य का अंतिम अवसर समाप्त कर दिया था। चांदी कोर्ट में पेश न कर पाने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे।
बुधवार को तारीख पर छह साल बाद सादाबाद पुलिस तीन कट्टों में 12 किलो धातु लेकर पहुंची, लेकिन यह वही बरामद माल है या नहीं, इसकी तस्दीक नहीं हो सकी। विवेचक अनिल शर्मा बुधवार को भी हाजिर नहीं हो सके। विवेचक को हाजिर कराने के लिए पत्र लिखा गया है। एडीजी शिवेंद्र ने बताया कि केवल 12 किलो धातु ही लाई गई है, लेकिन उसे खोला नहीं जा सका।