कस्बा के मोहल्ला किला खेड़ा स्थित राजा अवागढ़ की ऐतिहासिक झील पर 12 पक्षियों को शिकारियों ने अपना शिकार बना लिया। जानकारी होने पर पहुंचे वन विभाग और पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। वन दरोगा की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कस्बा आवागढ़ रियासत की ऐतिहासिक झील है। इस झील में हर साल कई दुर्लभ देशी विदेशी पक्षी आते हैं। इन पक्षियों की सुरक्षा का जिम्मा वन विभाग का है। झील के संरक्षित क्षेत्र होने एवं यहां शिकारियों का प्रवेश निषेध होने के वन विभाग ने विधिवत रूप से बोर्ड भी लगा रखे हैं।
इसके बावजूद शिकारी मौका मिलते ही चोरी-छिपे पक्षियों का शिकार कर रहे हैं। बताते हैं कि शिकारियों ने चावल के दानों में विषैला पदार्थ मिलाकर झील के पास रख दिया, जिसे खाने के बाद 12 पक्षी एक के बाद एक करके मर गए। जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन दरोगा
अवधेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध व्यक्ति को मौके पर दबोच लिया गया। आरोप है कि यह व्यक्ति पक्षियों को शिकार कर उनके बेचने का कारोबार करता था। पुलिस ने मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम भी कराया है।
कोतवाली प्रभारी नरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि पकडे़ गए व्यक्ति ने अपना नाम चंदन निवासी छीतीपुर बताया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनके साथ वन विभाग के वन चेतना केंद्र जाऊ नहर पुल के दरोगा अवधेश कुमार सिंह, चौकीदार राम सिंह, माली गंभीर सिंह, भवन भूषण सिंह आदि मौजूद थे।
संरक्षित क्षेत्र में पक्षियों को शिकार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मरने वाले पक्षियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और उनका बिसरा जांच के लिए प्रयोगशाला को भिजवाया जाएगा। इसके बाद जिम्मेदार लोगों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी। मरने वाले पक्षी बतख हैं।
- मधुकर दयाल, डीएफओ हाथरस