हाथरस जिला अस्पताल में अब तक 74 तरह की जांच हो पाती थीं। जिनमें सीबीसी, मलेरिया, एलएफटी, केएफटी आदि जांचें शामिल हैं। अस्पताल में विटामिन, थायराइड जैसी हार्मोनल जांच नहीं हो पाती थी। मजबूरन मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब से जांच करानी पड़ती थीं।
हाथरस जिले के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब जिला अस्पताल में थायराइड, विटामिन जैसी 118 जांचे हो सकेंगी। इसके लिए जिला अस्पताल में पथलोजी लैब का उच्चीकरण हो रहा है। इसके लिए अस्पताल को 80 लाख रुपए का बजट प्राप्त हुआ है।
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बागला जिला अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां जिले के कोने-कोने से मरीज उपचार के लिए आते हैं। जिला अस्पताल में अब तक 74 तरह की जांच हो पाती थीं। जिनमें सीबीसी, मलेरिया, एलएफटी, केएफटी आदि जांचें शामिल हैं। अस्पताल में विटामिन, थायराइड जैसी हार्मोनल जांच नहीं हो पाती थी। मजबूरन मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब से जांच करानी पड़ती थीं। इससे मरीजों को परेशानी का समाना करना पड़ता है। लेकिन अब मरीजों की इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
जिला अस्पताल में अब 118 तरह की जांचें हुआ करेंगी। इसके लिए अस्पताल को 80 लाख का बजट भी प्राप्त हुआ है। अस्पताल में पैथलौजी लैब का उच्चीकरण किया जा रहा है। नई पैथलोजी लैब पर निर्माण कार्य चल रहा है। तीन से चार महीने में इन सभी जांचों की सुविधा मरीजों के लिए मुहैया हो जायेगी।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ सूर्यप्रकश का कहना है कि अब जिला अस्पताल में 118 तरह की जांचें की सुविधा मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। इसके लिए पैथोलॉजी लैब का उच्चीकरण किया जा रहा है। नई लैब का निर्माण कार्य चल रहा है। तीन से चार माह में यह जांचों की सुविधा शुरू हो जाएगी।