न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण शुरू होने के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 23 राशन डीलरों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। राशन डीलरों द्वारा दिए गए इस्तीफे से खाद्यान्न कालाबाजारी की तस्वीर साफ हो रही है। पूर्ति विभाग की ओर से इनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए संबंधित दुकानों को अन्य कोटेदारों से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं कुछ दुकानों में नए कोटेदार नामित कर दिए गए हैं।
शासन स्तर से खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए पॉस मशीन के जरिए खाद्यान्न का वितरण किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। पॉस मशीनों के जिले में आते ही राशन डीलरों में खलबली मच गई। कालाबाजारी के आसार कम होते नजर आने शुरू हो गए। यहां जिले में सबसे पहले शहरी क्षेत्रों में पॉस मशीन से खाद्यान्न का वितरण शुरू हुआ। पॉस मशीन से वितरण शुरू होते ही करीब आधा दर्जन शहरी क्षेत्र के कोटेदारों ने मैदान छोड़ दिया और अपना इस्तीफा विभाग को दे दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ समय बाद पॉस मशीनें पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में पॉस मशीन पहुंचते ही ग्रामीण क्षेत्रों के राशन डीलरों ने भी अपने हाथ खड़े करने शुरू कर दिए। करीब एक दर्जन से अधिक कोटेदारों ने धीरे धीरे करके अपने इस्तीफे विभाग को सौंप दिए। विभाग की ओर से सभी स्थानों पर शुरूआत में नजदीकी कोटेदार से कार्डधारकों को अटैच कर खाद्यान्न दिलवाया गया। इसके बाद इन स्थानों नियमित कोटेदार की तैनाती की गई।
पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण शुरू होने के बाद कोटेदारों में राशन की दुकान चलाने के प्रति रुचि कम हुई है। कोटेदारों ने इस्तीफे भी दिए हैं।
-सुरेंद्र यादव, डीएसओ